काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान भी जलमग्न है। मणिपुर में भी बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है। नदियों में पानी कम होने लगा है। असम राइफल्स और सेना ने राज्यभर में ऑपरेशन जलराहत के तहत बचाव और राहत कार्य जारी रखा। बाढ़ से राज्य में 1.65 लाख से अधिक लोगों को प्रभावित हैं।अरुणाचल में बाढ़ की स्थिति गंभीर
अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ की स्थिति गुरुवार को गंभीर बनी रही। लगातार बारिश जारी रहने से अरुणाचल के 24 जिलों में 33 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। इस वर्ष भूस्खलन और बाढ़ से 12 लोगों की जान गई है। पिछले 24 घंटों में विभिन्न जिलों में भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं।
पोर्ट में कहा गया है कि विभिन्न जिलों के 214 गांवों की 33,200 की आबादी बाढ़ और भूस्खलन के कारण प्रभावित हुई है, जबकि अधिकतर प्रमुख नदियां और उनकी सहायक नदियां उफान पर हैं, हालांकि ये नदियां अपने सामान्य जलस्तर से नीचे बह रही हैं।
राज्य भर में 481 घर क्षतिग्रस्त हुए
कुल मिलाकर, राज्य भर में 481 घर क्षतिग्रस्त हुए और 432 पशुओं के मारे जाने की सूचना है। भूस्खलन और बाढ़ से संबंधित घटनाओं के कारण पूर्वी कामेंग में सात, निचले सुबानसिरी में दो तथा लोंगडिंग, लोहित और अंजॉ जिलों में एक-एक मौत की सूचना है।
राज्य में नौ लोगों की मौत भूस्खलन के कारण हुई
अधिकारियों ने बताया कि राज्य में नौ लोगों की मौत भूस्खलन के कारण हुई, एक की बाढ़ से संबंधित घटना में, दूसरे की दीवार गिरने के कारण और मई में लोंगडिंग जिले में खराब मौसम के दौरान पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान चार अन्य लोग घायल भी हुए।



