
रिपोर्टर मुन्ना पांडेय पांडेय सरगुजा : तहसील कार्यालय में लम्बीत राजस्व प्रकरणों का समय सीमा के भीतर निराकरण नहीं होने कारण पक्षकार बेहद परेशान हैं। महकमा में
अंधेरगर्दी की कोई हद नहीं है।इसका फायदा हल्का पटवारी आर आई सहित दूसरे अधिकारी कर्मचारी उठा रहें है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि हल्का पटवारी राजस्व काम करने के एवज में पक्षकारों से मुखर होकर रिश्वत की मांग करते हैं। कुछ पटवारी इतना गीर गये हैं कि मुर्गा खाने दारू पीने के बाद भी आवेदको को तहसील दफ्तर के खाक छानने तथा इधर-उधर भटकने के लिए मजबूर कर देते हैं। पटवारीयो के इस तरह के कार्य व्यवहार से परेशान पक्षकार जिला कलेक्टर के जनदर्शन दरबार में पहुंचकर शिकायत करने मजबूर हो जाते हैंl जन चर्चा है हल्का पटवारी बिना घूस लिए कोई भी राजस्व सम्बंधि काम नहीं करते भाग्य विधाता बने बैठे ये पटवारी राजस्व के छोटे- म़ोटे मामलों का निपटारा करने कराने में आवेदको का सहयोग नहीं करते। पैसा ही इनका ईमान -धरम है । यही वजह है आवेदक जिला कलेक्टर के सम्मुख जरिए जनदर्शन के अपनी समस्या दूर करने गुहार लगा रहे हैं।
ठीक इसी तरह मिलता जुलता मामला जिला सरगुजा के लखनपुर क्षेत्र के वनांचल ग्राम ढोढाकेसरा में सामने आया है. यहां के रहने वाले एक ग्रामीण बिन्दवासनी-से हल्का पटवारी ने रिश्वत में नगदी नारायण के साथ मुर्गा बकरा दारू सब कुछ लिया,। लेकिन जब जमीन की सीमांकन फौती नामांतरण नहीं हुआ तो फरियादी ने तथा दूसरे ग्रामीणो ने सीधा कलेक्टर के पास पहुंच शिकायत किया है।
अब देखने वाली बात होगी कि आखिर रिश्वत राशि के साथ दारू मुर्गा बकरा खाने वाले भ्रष्ट पटवारी आर आई के खिलाफ प्रशासन किस तरह की कानूनी कार्यवाही करता है। सीमांकन नक्शा दुरूस्ती 15 जून तक ही किया जाता है। अब जबकि बरसात शुरू होने के करीब है और समय सीमा भी समाप्त होने के कगार पर है ऐसे में सीमांकन जैसे लम्बित राजस्व प्रकरणों का निपटारा किस तरीके से हो सकेगा विचारणीय हैं। सर्वविदित है कि जमीन विवाद कई बार ग्रामीण इलाकों में हत्या जैसी संगीन अपराध का सबब बन जाता है।

ढोढा केसरा पटवारी राजेंद्र ठाकुर – से इस संबंध में चर्चा करने पर बताया कि पूरी तरह से आरोप निराधार झूठाहै कोई रिश्वत नहीं लिया गया हैं । पक्षकार का भूमि सीमांकन किया गया लेकिन संतुष्ट नहीं होने कारण झूठा इल्ज़ाम लगा रहा है।
तहसीलदार अंकिता पटेल-
इस मुद्दे पर चर्चा करने से उन्होंने बताया मुझे जानकारी मिली है मेरे द्वारा हल्का पटवारी ,आर.आई को तलब कर पूछताछ की गई उनके द्वारा बताया गया कि कोई पैसा नहीं लिया गया है। झूठा बेबुनियाद आरोप है शिकायती व्यक्ति है
मेरे द्वारा शिकायतकर्ता को नोटिस देकर बुलाया गया है साबित करेगा किसके सामने पैसा दिया है।



