एम सी बी चिरमिरी : क्षेत्र के वरिष्ठ साहित्यकार एवं शासकीय लहिड़ी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चिरमिरी के पूर्व प्राचार्य प्रो. भागवत दुबे ने शिक्षा, पुरातत्व एवं पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले इतिहासकार एवं राज्यपाल शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित डॉ विनोद पांडे को अपनी स्वरचित पुस्तकें भेंट कीं।प्रो. दुबे ने अपनी कृतियां— “सभ्यता के अनछुए पहलू” तथा “श्रमिक आंदोलन के क्रांति दूत: डॉ. रामकुमार दुबे” साथ ही रतनलाल मालवीय स्मृति ग्रंथ डॉ. पांडे को सप्रेम प्रदान कीं। इस अवसर पर उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये पुस्तकें जिले के इतिहास लेखन में महत्वपूर्ण कड़ी साबित होंगी और भविष्य में शोध और अध्ययन के लिये मार्गदर्शक बनेंगी।
उल्लेखनीय है कि रतनलाल मालवीय और पंडित रामकुमार दुबे इस रियासत के प्रमुख श्रमिक नेता एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे हैं। बाद में रतनलाल मालवीय को भारत सरकार में केंद्रीय उप श्रम मंत्री के रूप में भी दायित्व मिला था। पुस्तकें प्राप्त करने पर डॉ. विनोद पांडे ने प्रो. दुबे के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की ऐतिहासिक और शोधपरक कृतियां समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं।



