13 जून 2025:- हिन्दू धर्म में भाई-बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व हर साल अगस्त के महीने में मनाया जाता है. रक्षाबंधन का पर्व हर साल सावन माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. यह पर्व भाई-बहन को प्यार की डोर में बांधता है. इस दिन सभी बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती और टीका करती हैं. जानते हैं कि रक्षाबंधन का त्योहार साल 2025 में किस दिन मनाया जाएगा. वैदिक पंचांग के अनुसार, साल 2025 में रक्षा बंधन का पर्व मनाने के लिए सावन माह की पूर्णिमा तिथि 9 अगस्त 2025 दिन शनिवार को पड़ रही है. इसी दिन सभी बहनें अपने भाइयों की कलाई पर शुभ मुहूर्त में राखी बांधेंगी.
रक्षाबंधन 2025 तिथि
1. सावन माह की पूर्णिमा तिथि की शुरूआत 8 अगस्त, 2025 को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट पर होगी.
2. पूर्णिमा तिथि समाप्त 9 अगस्त, 2025 को दोपहर 1 बजकर 24 मिनट पर होगी.
3. रक्षा बन्धन अनुष्ठान का समय सुबह 05 बजकर 56 से लेकर दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक रहेगा.
4. इसीलिए उदयातिथि होने के कारण रक्षाबंधन का पर्व 9 अगस्त दिन शनिवार को मनाया जाएगा.
प्रदोष काल में राखी बांधने का समय
रक्षाबंधन के दिन प्रदोष काल के समय बहनें अपना भाईयों को राखी बांध सकती हैं. इस दिन प्रदोष काल में राखी बांधने का शुभ समय शाम 7 बजकर 19 मिनट से लेकर देर रात 9 बजकर 24 मिनट तक रहेगा.
रक्षाबंधन के दिन भद्रा काल कब
रक्षा बन्धन के दिन राखी बांधने के लिए भद्रा काल को शुभ नहीं माना जाता है. 9 अगस्त 2025 को प्रात: काल 1 बजकर 52 मिनट पर भद्रा काल समाप्त हो जाएगा. इसीलिए रक्षाबंधन के दिन भद्रा का साया नहीं रहेगा. अगर भद्रा काल होता है तो प्रदोष काल के समय में भी राखी बांधी जा सकती है. भद्राकाल का समय राखी बांधने के लिए उचित नहीं होता है. इस दौरान शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं. भद्रा समाप्त होने के बाद ही राखी बांधनी चाहिए. अशुभ समय पर रक्षासूत्र बांधने की भूल से बचना चाहिए.



