
मिनी व्यापार समझौते में कौन से सेक्टर शामिल
भारत पिछले साल जुलाई में पेश बजट में भी अमेरिकी ऑटोमोबाइल्स व कुछ अन्य आइटम पर लगने वाले शुल्क में अमेरिका को राहत दे चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपना पदभार संभालने के बाद भारत व अमेरिका के बीच मुक्त व्यापार समझौता करने की घोषणा की थी जिसका पहला चरण इस साल सितंबर-अक्टूबर में पूरा होने की संभावना है, लेकिन इससे पहले दोनों देशों पारस्परिक शुल्क की अवधि समाप्त होने से पहले मिनी समझौता कर सकते हैं।
ईरान-इजरायल युद्ध लंबा हुआ तो व्यापार होगा प्रभावित
निर्यातकों का कहना है कि ईरान व इजरायल के बीच युद्ध के लंबा चलने पर निर्यात प्रभावित हो सकता है। दूसरी तरफ वाणिज्य विभाग युद्ध से विदेश व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव की समीक्षा को लेकर इस सप्ताह सभी स्टेक होल्डर्स के साथ बैठक करने जा रहा है। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि सबकुछ इस बात पर निर्भर करता है कि इजराइल व ईरान के बीच जारी युद्ध आने वाले समय में क्या मोड़ लेता है। हमने सभी स्टेकहोल्डर्स की बैठक बुलाई है ताकि युद्ध के प्रभाव को कम करने के उपाय किए जा सके।
निर्यातकों का कहना है कि युद्ध के लंबा चलने पर होर्मुज एवं लाल सागर का रास्ता प्रभावित होगा जिसका असर हमारे व्यापार पर भी पड़ेगा। भारत का दो तिहाई कच्चा तेल और एलएनजी होर्मुज के रास्ते आता है जिसे ईरान ने बंद करने की धमकी दी है। दूसरा रूट लेने पर रास्ता काफी लंबा होगा और इससे व्यापार की लागत काफी बढ़ जाएगी।



