
किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी एक ठोस क्रिस्टल जैसे पदार्थ होते हैं, जो हमारी किडनी के अंदर मिनरल्स और सॉल्ट्स के जमाव से बनते हैं. यह समस्या आम है लेकिन गंभीर रूप ले सकती है. पथरी का आकार बहुत छोटा हो सकता है या फिर कई सेंटीमीटर बड़ा भी हो सकता है. यह स्थिति अगर समय रहते न पहचानी जाए तो यह पेशाब की नली को ब्लॉक कर सकती है, जिससे तेज दर्द, संक्रमण और किडनी डैमेज जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. अगर पथरी पेशाब नली में अटक जाए, तो यह पेशाब में रुकावट, ब्लीडिंग और तेज जलन का कारण बन सकती है. आइए जानते हैं कि आखिर पथरी क्यों बनती है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है.
किडनी स्टोन बनने का मुख्य कारण शरीर में पानी की कमी है. जब हम पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते, तो यूरिन में मौजूद मिनरल्स और सॉल्ट्स गाढ़े हो जाते हैं और धीरे-धीरे जमा होकर पथरी का रूप ले लेते हैं. इसके अलावा बहुत ज्यादा प्रोटीन और ऑक्सालेट युक्त चीजें जैसे पालक, चॉकलेट, नट्स आदि का अधिक सेवन, कैल्शियम की अधिक मात्रा, बार-बार यूरिन इंफेक्शन, मोटापा और जेनेटिक कारण भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं. कुछ दवाइयों का अधिक समय तक सेवन भी पथरी की समस्या को बढ़ा सकता है. जिन लोगों का लाइफस्टाइल ज्यादा एक्टिव नहीं है या जो लंबे समय तक बैठे रहते हैं, उनमें भी इस समस्या की संभावना बढ़ जाती है. आइए अब जानते हैं, इसके लक्षण क्या हैं.
क्या हैं किडनी स्टोन के लक्षण?
किडनी स्टोन के लक्षण पथरी के आकार और उसकी स्थिति पर निर्भर करते हैं. सबसे सामान्य और पहला लक्षण पीठ के निचले हिस्से या पेट के एक ओर तेज दर्द होना है. यह दर्द अचानक शुरू होता है और बहुत तेज हो सकता है. पेशाब करते समय जलन या दर्द महसूस होना, पेशाब का रंग गहरा होना या उसमें खून आना, बार-बार पेशाब आना लेकिन बहुत कम मात्रा में निकलना, ये सभी पथरी के संकेत हो सकते हैं.
कैसे करें बचाव?
दिनभर में कम से कम 7-8 गिलास पानी जरूर पिएं.
अधिक नमक, प्रोटीन और ऑक्सालेट युक्त चीजों से परहेज करें.
एक्सरसाइज करें और वजन को कंट्रोल रखें.
बार-बार यूरिन इंफेक्शन हो तो डॉक्टर की सलाह लें.
कैफीन और सोडा वाले ड्रिंक्स से बचें.
ज्यादा समय तक पेशाब न रोकें.



