
हिन्दू धर्म में शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है और वे व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं. यदि आपकी कुंडली में शनि की स्थिति कमजोर है, शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है, या आप किसी अन्य शनि दोष से पीड़ित हैं, तो यह सरल उपाय आपके लिए लाभकारी हो सकता है और ये उपाय लोगों को पूरी श्रद्धा, विश्वास और नियमितता के साथ करना चाहिए. शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए कर्मों की शुद्धता और ईमानदारी भी बहुत महत्वपूर्ण मानी गई है.
शनिवार के दिन शनि मंदिर में शनिदेव को काले तिल अर्पित करना और सरसों के तेल का दीपक जलाना उन्हें शांत करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है. यह उपाय शनि के नकारात्मक प्रभावों को कम करता है और जीवन में स्थिरता लाता है. प्रत्येक शनिवार को सूर्यास्त के बाद, विशेषकर शाम के समय या प्रदोष काल में शनिदेव को काले तिल अर्पित किए जा सकते हैं.
शनिदेव पूजा विधि
1.शनिवार के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें.
2. थोड़े से काले तिल एक साफ कटोरी में ले लें. आप चाहें तो इसमें थोड़ा सा सरसों का तेल भी मिला सकते हैं.
3. एक सरसों के तेल का दीपक तैयार करें (एक मिट्टी का दीपक या आटे का दीपक बना सकते हैं).
4. अपने घर के पास के शनि मंदिर में जाएं. यदि कोई शनि मंदिर न हो, तो पीपल के पेड़ के नीचे भी यह उपाय कर सकते हैं.
5. पीपल में शनिदेव का वास माना जाता है.
6. मंदिर में शनिदेव की प्रतिमा के सामने या शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करें.
7. दीपक जलाएं और उसे शनिदेव के सामने या पीपल के पेड़ के नीचे रखें.
8. दीपक जलाते समय और तिल अर्पित करते समय शनि मंत्रों का जाप करें.
9. “ॐ शं शनैश्चराय नमः” और “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः”
मिलते हैं ये लाभ
काले तिल शनिदेव को अत्यंत प्रिय हैं, और उन्हें अर्पित करने से वे प्रसन्न होते हैं. सरसों का तेल भी शनिदेव को बहुत पसंद है. यह उपाय शनि के नकारात्मक प्रभावों को कम करता है, जिससे जीवन में आ रही बाधाएं, परेशानियां और दुर्भाग्य दूर होते हैं. शनिदेव कर्मों के अनुसार फल देते हैं. यह उपाय आपके बुरे कर्मों के प्रभाव को कम करने और अच्छे कर्मों के लिए मार्ग प्रशस्त करने में मदद करता है. शनि के शांत होने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं कम होती हैं, आर्थिक स्थिति में सुधार आता है और जीवन में स्थिरता व समृद्धि आती है. जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है, उन्हें इस उपाय से विशेष राहत मिलती है.



