3 जुलाई 2025:- हिंदू धर्म में चातुर्मास को चौमासा भी कहा जाता है. चातुर्मास आषाढ़ी एकादशी के दिन से शुरू होकर कार्तिक माह की प्रबोधनी एकादशी के दिन समाप्त होता है. हिंदू धर्म में चातुर्मास का विशेष महत्व है. इस दौरान सृष्टि के संचालन करने वाले भगवान विष्णु 4 महीने की योग निद्रा में चले जाते हैं उस दौरान सृष्टि का कार्यभार भगवान शिव संभालते हैं.
चातुर्मास के दौरान क्या ना करें
. चातुर्मास माह में तामसिक चीजों का त्याग करें, जैसे मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए.
. इस माह में किसी के प्रति ईर्ष्या, लालच, किसी इंसान के प्रति मन में गलत विचार धारण नहीं करने चाहिए.
. बड़े बुर्जुगों और महिलाओं का अपमान न करें.
. विवाह, सगाई, मुंडन और शुभ कार्य करना वर्जित है.
चातुर्मास को दान-पुण्य के लिए भी शुभ माना जाता है. इस दौरान दान करने को अक्षय पुण्य देने वाला कहलाता है. चातुर्मास में आत्मशुद्धि की प्रक्रिया तेज होती है.



