छुरिया : गैदाटोला के शासकीय मदिरा दुकान से शोले प्लेन देशी मदिरा की सील पैक शीशी के अंदर शराब के साथ एक मरी हुई मकड़ी के हिस्से तैरते मिले इस बात की चर्चा पूरे प्रदेश में रही। पहली बार इस मामले की पूरी घटना को दैनिक अमनपथ समाचार पत्र के अलावा अन्य समाचार पत्रों सहित आईबीसी 24 पर भी इस बात को दिखाया गया था। इस पूरी घटना को हुये 4 दिन बीत गये हैं अभी तक इस घोर लापरवाही के प्रकरण में किसी भी के ऊपर कोई कार्यवाही होते नजर नहीं आई है। इसमें मदिरा दुकान के सेल्समेन या मैनेजर के ऊपर कार्यवाही करने से भी ज्यादा जरूरी यह है कि यह मदिरा की शीशी आती कहां से है ? सबसे पहले उस जगह पर कार्यरत जवाबदार अधिकारी कर्मचारियों पर कार्यवाही होना ज्यादा जरूरी है। जहां पर मदिरा की बॉटलिग का प्रोसेस होता है वहां से ही सारी गड़बड़ी शुरू हुई तभी तो सील पैक शीशी के अंदर मरी हुई मकड़ी के हिस्से मिले।
बॉटलिंग प्लाट की जांच हो ?
इस मामले में सबसे पहले बॉटलिंग प्लाट की जांच हो कि इस बैच की प्रोसेसिंग के समय किन अधिकारी कर्मचारियों की ड्यूटी थी क्योंकि यह शोले प्लेन देशी मदिरा की बॉटलिंग छत्तीसगढ़ डिस्टलरीज लिमिटेड ग्राम खपरी, कुम्हारी जिला – दुर्ग (छ.ग.) 490042 के बैच नं. 775 दिनांक 19.06.2025 को हुई है। जिससे स्पष्ट पता चल सकता है कि इस दिन कौन कौन अधिकारी कर्मचारी ड्यूटी पर थे और उन्होंने लापरवाही पूर्वक अपना काम किया है। आखिर इन अधिकारियों और कर्मचारियों को इंसान के जीवन से खेलने का अधिकार किसने दिया। आखिर ये मौत के सौदागर कौन हैं ?
सील पैक होने के समय भी परीक्षण किसने किया ?
बॉटलिंग के समय अंतिम बार शीशी का परीक्षण करके ओके रिपोर्ट देने वाले पर भी कार्यवाही होना तो बनता है। कुल मिलाकर इस प्रकार की धांधली आने वाले भविष्य में न हो सके इसके लिये बिना किसी राजनैतिक हस्तक्षेप और किसी भी दबाव में न आते हुये कड़ी से कड़ी कार्यवाही होना आवश्यक है।



