
विटामिन E एक ज़रूरी Antioxidant है जो शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से बचाता है और इम्युनिटी को मजबूत करता है. यह त्वचा, आंखों, मांसपेशियों और दिमाग की हेल्थ के लिए बेहद जरूरी होता है. लेकिन अगर शरीर में इसकी कमी हो जाए, तो धीरे-धीरे कई समस्याएं उभरने लगती हैं जो आगे चलकर गंभीर बीमारियों का रूप ले सकती हैं. विटामिन की कमी कई बार शरीर में वसा (Fat) को पचाने में दिक्कत होती है. चूंकि विटामिन E वसा में घुलता है, इसलिए फैट न पचने की स्थिति में विटामिन-ई भी शरीर में सही तरीके से मिक्स नहीं हो पाता. यह समस्या आमतौर पर लिवर, पैंक्रियास, या आंतों से जुड़ी बीमारियों जैसे सीलिएक डिजीज, क्रोहन डिजीज या पित्त की थैली की परेशानी में देखने को मिलती है
क्यों होती है Vitamin-E की कमी
मांसपेशियों में कमजोरी और दर्द:- विटामिन E की कमी से मांसपेशियों को पोषण नहीं मिल पाता, जिससे कमजोरी, थकान और मसल्स पेन की शिकायत होने लगती है. लंबे समय तक यह कमी मांसपेशियों की काम करने की स्पीड कम कर देती है.
नसों और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं:– यह विटामिन nervous system को सेक्योर करता है. इसकी कमी से हाथ-पैर सुन्न पड़ना, झनझनाहट, बैलेंस की समस्या और चलने में कठिनाई जैसे लक्षण सामने आते हैं. ये लक्षण न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर की ओर इशारा कर सकती है.
कमजोर इम्यूनिटी:- विटामिन E, Immune System को एक्टिव और मजबूत करते हैं, लेकिन जब इसकी कमी होती तो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है और बार-बार इंफेक्शन होने लगता है.
विटामिन E की कमी में क्या खाएं असरदार फूड्स की लिस्ट:- पालक और हरी पत्तेदार सब्ज़ियां खाएं, बादाम (Almonds) , रोजाना 1 चम्मच सूरजमुखी के बीज (Sunflower Seeds), एवोकाडो (Avocado) खाएं, अखरोट, मूंगफली और पिस्ता जैसे नट्स खाएं. वेजिटेबल ऑयल्स (Sunflower, Olive, Canola) का खाना पकाने के लिए सीमित मात्रा में इस्तेमाल करें. फैटी फिश (Salmon, Mackerel) नॉनवेज खाने वालों के लिए शानदार स्रोत है. इसके अलावा Flax Seeds और Chia Seeds, विटामिन E सप्लीमेंट (अगर जरूरत हो) लें, जब डाइट से पर्याप्त मात्रा में विटामिन न मिले.



