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बस्तर के 51 तालाबों में मछली पालन की नई पहल: राहू, कतला और सामान्य मछली के बांटे गए बीज

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जगदलपुर : छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन विभाग, वन प्रबंधन समितियों के साथ मिलकर मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए तालाबों में मछली बीज उपलब्ध कराया गया है। यह पहल, विशेष रूप से खाद्य सुरक्षा और कुपोषण की समस्या से निपटने में मदद करती है।

वन विभाग, मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए मछली बीज उपलब्ध कराया है। इतने तालाबों में इस साल मछली पालन का कार्य सम्बन्धित वन प्रबंधन समिति के माध्यम से किया जाएगा। आय बढ़ाने हेतु जिले के 9 वन प्रबंधन समितियों के माध्यम से मछली पालन का कार्य किया जा रहा।

ये अधिकारी हैं शामिल
इसमें प्रत्येक तालाब में राहू, कतला एवं सामान्य के 25 किलो मछली बीज पालने के लिए दिया गया है। इसमें सीसीएफ आरसी दुग्गा, बस्तर जिले में वन मंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता के निर्देश में एसडीओ देवलाल दुग्गा, योगेश कुमार रात्रे, आईपी बंजारे के नेतृत्व में परिक्षेत्र अधिकारी जुटे हुए हैं। विभाग ने बस्तर जिले के 51 तालाबों में मुफ्त मछली बीज का वितरण किया जा रहा है। तालाब में पालने के लिए राहू, कतला और सामान्य मछली के बीज ग्रामीणों को दिए गए हैं।

मछली पालन को बढ़ावा
बताया जा रहा है कि वन विभाग, वन प्रबंधन समितियों के माध्यम से, तालाबों में मछली बीज उपलब्ध कराकर मछली पालन को प्रोत्साहित कर रहा है। समिति तालाब में मछली बीज देकर पालन कर रहे, मछली बड़े होने से विक्रय करेंगे, जिससे समिति के सदस्यों का आर्थिक रूप मजबूत हो सकेंगे।

इन गांवों में किया जा रहा मछली पालन
जिले के कोलावाड़ा, पोटियापाल, चेरबहार, बीरनपाल, बोदामुंडा, चिलकुटी, तोलावाड़ा, पुलचा, धनपूंजी, पूर्व माचकोट, पुसपाल, कै कागढ़, कालागुड़ा, तिरिया, चोकावाड़ा, जीरागांव, नाकागुड़ा, बोरपदर, उलनार, राजनगर, कुम्हरावंड, कोरटा, करपावंड, चिऊरगांव, सोनपुर, भालुगुड़ा, सुधापाल, बनियागांव, बागमोहलई वन समिति एवं गांव सहित 51 तालाब में मछली पालन किया जा रहा है।

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