
अमन पथ न्यूज बालोद से उत्तम साहू : धन कमाना और उस धन को सही जगह पर लगाना ही भक्त का काम हैं और जो धन को सही मायने में सदुपयोग करता है वहीं सच्चा भक्त हैं।धन का दान भी सोच समझ कर देना चाहिए ताकि उसका सदुपयोग हो। अगर कोई अच्छे कार्य में सहयोग नहीं करते हैं तो उस कार्य में बाधा भी उत्पन्न नहीं करना चाहिए। सोच समझ कर कर्म करना चाहिए, क्योंकि कर्म का भोग तो परमात्मा को भी भोगना पड़ता है।उक्त विचार नगर के माहेश्वरी भवन में आयोजित संगीतमय शिव महापुराण के तीसरे दिन शनिवार को प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के पुत्र कथा व्यास पंडित राघव मिश्रा ने व्यक्त किए।
पंडित राघव मिश्रा ने इस दौरान भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह प्रसंग पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि एक आदर्श वैवाहिक जीवन एक दूसरे के तालमेल से चलता है। भगवान शिव हमेशा जनकल्याण के बारे में ध्यान में रहते है और माता पार्वती सभी के कल्याण की भावना रखती है।
उन्होंने कहा कि माता सती भगवान शिव के मना करने पर भी प्रजापति दक्ष के यज्ञ में पहुंची। बिना बुलाए अपने पिता के घर गईं। अपमान का सामना न करते हुए अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। शिव पुराण की कथा हमें उपदेश देती है कि जीवन साथी व अपने गुरु पर विश्वास व श्रद्धा होनी जरूरी है। बिन बुलाए मेहमान व बिना परिवार की आज्ञा से कहीं पर भी जाना शुभ नहीं होता।
पंडित मिश्रा ने कहा सावन मास में आप सबको शिवपुराण की कथा सुनने को मिल रहा है और भोलेनाथ का बारात देखने को मिल रहा है हम सब सौभाग्यशाली हैं। उन्होंने कहा हर किसी को कथा सुनने और कराने का सौभाग्य नहीं मिलता है और न ही यजमान बनने का और गाय, लक्ष्मी और बेटी सोच समझ कर दान देना चाहिए नहीं तो उसकी भरपाई स्वंय को करनी पड़ती हैं।
जिस भावना से हम भगवान का नाम लेते हैं भगवान भी उस भाव से हमारे पास आते हैं।इसलिए भाव से भक्ति करनी चाहिए
उन्होंने बताया जीवन में संतुष्टि जरूरी है और जो किस्मत में लिखा है उसे कोई बदल नहीं सकता।ये दुनिया परीक्षा हॉल हैं और हम परीक्षा देने वाले हैं और हम जैसा कर्म करेंगे गुरु उस हिसाब से हमें फल देता है।
कथा में शिव संग बराती लेकर चले, भोले बराती लेकर चले भजन पर लोग झूमते हुए नजर आए।कथा सुनने वाले लोगों की संख्या हर रोज बढ़ती जा रही हैं।कथा सुनने सैकड़ों की संख्या में लोग पहुँच रहे हैं।
यू ट्यूब पर हो रहा है सीधा प्रसारण
कथा के मुख्य यजमान एवं मुख्य आयोजक संतोष प्रतिभा चौधरी अध्यक्ष नगर पालिका परिषद बालोद ने मंच से कहा कि आज चतुर्थ दिवस की कथा में पास की व्यवस्था नहीं होगी। सभी श्रद्धालु जन कथा समय से पूर्व आकर अपना यथा स्थान ग्रहण कर कथा का श्रवण लाभ लेंगे। कथा सुनने हेतु श्रोताओं की बैठने की समुचित व्यवस्था निशुल्क की गई है। श्रोताओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पास व्यवस्था को समाप्त कर दी गई है। कथा का यूट्यूब चैनल में लाइव प्रसारण हो रहा है।



