नई दिल्ली : कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इजरायल पर फलस्तीन में नरसंहार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक है कि भारत सरकार चुप बैठी है, जबकि इजरायल, फलस्तीन के लोगों पर तबाही मचा रहा है। इस पर पलटवार करते हुए भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने कहा कि ‘शर्मनाक बात तो आपकी धोखेबाजी है। इजरायल ने 25,000 हमास आतंकवादियों को मारा है।
उन्होंने प्रियंका के आरोपों का खंडन करते हुए उन्हें हमास के दावों पर विश्वास न करने की सलाह दी। उधर, कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने कहा, ”इजरायल की ओर से जारी नरसंहार पर सांसद श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा की ओर से व्यक्त की गई पीड़ा और व्यथा के जवाब में भारत में इजरायली राजदूत की ओर से इस्तेमाल किए गए शब्दों की कांग्रेस निंदा करती है। पिछले 18-20 महीनों से इजरायल की ओर से मचाई जा रही तबाही पर बोलने में मोदी सरकार ने घोर नैतिक कायरता दिखाई है। सरकार से राजदूत की प्रतिक्रिया पर आपत्ति जताने की उम्मीद करना बेमानी है।”
उन्होंने वैश्विक चुप्पी की निंदा करते हुए कहा, ”चुप्पी और निष्क्रियता से इन अपराधों को बढ़ावा देना अपने आप में एक अपराध है।” उन्होंने भारत सरकार की आलोचना करते हुए कहा, ”यह शर्मनाक है कि भारत सरकार इजरायल की ओर से फलस्तीन के लोगों पर इस तबाही को ढाए जाने के दौरान चुप बैठी है।”
एक अन्य पोस्ट में प्रियंका ने कहा कि अल जजीरा के पांच पत्रकारों की ”नृशंस हत्या” फलस्तीनी धरती पर किया गया एक और जघन्य अपराध है। उन्होंने कहा कि सच्चाई के लिए खड़े होने का साहस रखने वालों का अदम्य साहस इजरायल की हिंसा और नफरत से कभी नहीं टूटेगा। ”एक ऐसी दुनिया में जहां ज्यादातर मीडिया सत्ता और व्यापार का गुलाम है, इन बहादुर आत्माओं ने हमें याद दिलाया कि सच्ची पत्रकारिता क्या होती है।”
अजार ने इजरायल द्वारा मानवीय मदद के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला और कहा, ”इजरायल ने गाजा में 20 लाख टन भोजन पहुंचाया, जबकि हमास उसे हथियाने की कोशिश कर रहा है, जिससे भुखमरी पैदा हो रही है।”



