नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12वीं बार लाल किले से प्राचीर से देश के नाम अपना संबोधन दिया। भाषण के दौरान पीएम मोदी ने कई एलान भी किए। अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि देशवासियों को इस साल दीवाली में दोहरा तोहफा मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दीवाली पर जीएसटी में हम बड़ा रिफॉर्म लेकर आने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके आने के बाद रोजमर्रा की वस्तुओं पर टैक्स कम हो जाएगा। माना जा रहा है इससे आम लोगों को काफी राहत हो जाएगी।
वित्त मंत्रालय ने जीएसटी काउंसिल को भेजा प्रस्ताव
पीएम मोदी के एलान के बीच वित्त मंत्री ने जीएसटी काउंसिल को एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें स्ट्रक्चरल रिफऑर्म, टैक्स रेट को कम करने के साथ जीएसटी को और आसान बनाने की बात कही गई है।
लाल किला की प्रचीर से देश के नाम अपने संबोधन में पीएम मोदी ने जीएसटी को एक बड़े सुधार का रूप करार दिया। प्रधानमंत्री के अनुसार, साल 2017 में लागू हुई जीएसटी के बाद से भारत की अर्थव्यवस्था को एक नया रूप मिला है। इस बीच पीएम मोदी ने इसमें नेक्स्ट जेनेरेशन जीएसटी का जिक्र किया है, जिसके संबंध में प्रस्ताव भेज दिया गया है। आइए आपको बताते हैं इससे क्या-क्या बदलने वाला है?
स्ट्रक्चरल रिफॉर्म के तौर पर बदलावदरअसल, इनपुट और आउटपुट टैक्स रेट्स के बीच में अंतर को समाप्त करने पर केंद्र सरकार विचार कर रही है। इससे टैक्स क्रेडिट को कम करने में सहूलियत होगी। इसके साथ ही घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग को भी बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। नए बदलाव में वर्गीकरण से संबंधित मुद्दों को भी सुव्यवस्थित करने का लक्ष्य है। जिससे वर्तमान विवाद और नियम संबंधी समस्याओं को कम किया जा सके।
अब होंगे केवल दो स्लैबरिपोर्ट्स के अनुसार, नए जीएसटी रिफॉर्म के तहत केवल 2 स्लैब का ही प्रस्ताव रखा गया है। वर्तमान में 0 प्रतिशत, 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18, और 28 प्रतिशत का स्लैब है। इसको घटाकर स्टैंडर्ड और योग्यता वाले केवल 2 स्लैब रखने पर विचार किया गया है। हालांकि, विशे। दरें कुछ वस्तुओं पर ही लागू होंगी। नए प्रस्ताव में जरूरी और महत्वकांक्षी वस्तुओं पर टैक्स में कटौती भी शामिल है। जिससे कंजम्शन बढ़ सके। इस रिफॉर्म के बाद टैक्स कम होने से कई रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी। जिससे आम लोगों को काफी राहत मिलने की संभावना है।
छोटे व्यवसायों को लाभ क उम्मीदइसके साथ ही बताया जा रहा है कि जीएसटी रिफॉर्म से छोटे व्यवसायों और डिजिटल को आसान बनाने की कोशिश है। इसमें बिना किसी रुकावट वाली तकनीक बनाना, गलतियों और मानवीय हस्तक्षेप को कम करने के लिए पहले से भरे गए जीएसटी रिटर्न को जल्दी रिफंड करने पर जोर है। गौरतलब है कि वित्त मंत्रालय की ओर से कहा गया कि केंद्र राज्यों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।