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पुतिन का पीएम मोदी को फोन, अलास्का में ट्रंप के साथ हुई मीटिंग की एक-एक बात बताई

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अमेर‍िकी राष्‍ट्रपत‍ि डोनाल्‍ड ट्रंप के साथ अलास्‍का में हुई मुलाकात के बाद रूस के राष्‍ट्रपत‍ि व्‍लाद‍िमीर पुत‍िन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है. इस मौके पर पुत‍िन ने पीएम मोदी को बताया क‍ि ट्रंप के साथ बातचीत में क्‍या-क्‍या हुआ. इस बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि भारत हर विवाद का शांतिपूर्ण और कूटनीतिक समाधान चाहता है. भारत संवाद और सहयोग से ही वैश्विक स्थिरता का पक्षधर है और इस दिशा में होने वाले हर प्रयास का समर्थन करता रहेगा.

दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े कई मुद्दों पर भी चर्चा की है, साथ ही लगाता संपर्क बनाए रखने पर सहमत‍ि जताई है. पीएम मोदी और राष्‍ट्रपत‍ि पुत‍िन ने भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर भी जोर द‍िया.

अलास्का में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ पुतिन की हुई थी बैठक

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 15 अगस्त को अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक की थी। इस बैठक में यूक्रेन में युद्ध विराम को लेकर चर्चा की गई। हालांकि, इसमें रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में संघर्ष विराम लागू करने पर सहमति नहीं बनी। यह बैठक ऐसे वक्त में हुई थी जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल खरीदने पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। भारत ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी और अमेरिका के कदम को अन्यायपूर्ण और बेतुका करार दिया था। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम अपने राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाएंगे। अब रूसी राष्ट्रपति और पीएम मोदी के बीच बातचीत से साफ है कि अमेरिकी टैरिफ के खिलाफ रूस भारत के साथ खड़ा है।

पुतिन-ट्रंप की बैठक बेनतीजा रहने का भारत पर असर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई मौकों पर कह चुके हैं कि उनकी तरफ से भारत पर रूस से तेल खरीदने के लिए लगाए गए 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ का असर देखने को मिला है और पुतिन इसी वजह से उनके साथ बैठक के लिए तैयार हुए हैं। ट्रंप के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट न्यूज इंटरव्यू में चेतावनी दे चुके हैं कि अगर पुतिन और ट्रंप की बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकलता है तो भारत को ज्यादा टैरिफ के लिए तैयार रहना चाहिए। ऐसे में अलास्का बैठक के बाद भारत का अपने सबसे बड़े निर्यात केंद्र (अमेरिका) से आगे भी व्यापार में संघर्ष जारी रह सकता है। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक सवाल के जवाब में कहा कि अगर मुझे भारत पर और टैरिफ लगाने पड़े तो मैं जरूर करूंगा, लेकिन हो सकता है कि मुझे ऐसा करने की जरूरत न पड़े।’

अमेरिका की भारत को धमकी

अमेरिकी डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन और उनके सलाहकार पीटर नवारो ने भारत को धमकी देते हुए कहा कि इंडिया हमारा रणनीतिक साझेदार बनकर रहना चाहता है तो उसे उसी तरह का व्यवहार भी करना होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब चीन के विदेश मंत्री भारत का दौर कर रहे हैं। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी खुद 31 अगस्त से तीन दिवसीय चीन के दौरे पर रहेंगे। प्रधानमंत्री के चीन दौरे से भी अमेरिका को मिर्ची लगी है।

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