भारत में त्योहार केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं होते, बल्कि समाज और संस्कृति को जोड़ने का माध्यम भी बनते हैं. ऐसे ही खास त्योहारों में से एक है गणेश चतुर्थी, जिसे विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है. यह पर्व भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है और इसे पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है. आइए जानते हैं इस साल गणेश चतुर्थी की तिथियां, शुभ मुहूर्त, मूर्ति स्थापना और उत्सव से जुड़ी पूरी जानकारी.
तिथि और शुभ मुहूर्त:- हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास की चतुर्थी तिथि इस बार 26 अगस्त 2025 को दोपहर 1:54 बजे से शुरू होकर 27 अगस्त 2025 को दोपहर 3:44 बजे तक रहेगी. इस आधार पर गणेश चतुर्थी 2025 27 अगस्त को मनाई जाएगी.
गणेश पूजा का शुभ समय (पूजा मुहूर्त):- गणपति स्थापना का सबसे शुभ समय दोपहर का माना जाता है, क्योंकि मान्यता है कि इसी समय भगवान गणेश का जन्म हुआ था. 27 अगस्त 2025 को सुबह 11:05 बजे से दोपहर 1:40 बजे तक पूजा करना अत्यंत शुभ रहेगा.
गणपति स्थापना के नियम
1. सबसे पहले मंडप में स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं.
2. उस पर फूल और अक्षत (चावल) चढ़ाएं.
3. इसके बाद गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें.
4. मूर्ति को हमेशा उत्तर दिशा की ओर रखें, क्योंकि मान्यता है कि गणेश जी उत्तर दिशा में निवास करते हैं.
गणेश चतुर्थी का इतिहास और महत्व:- गणेश चतुर्थी हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाई जाती है. पहले यह पर्व केवल घर-घर तक सीमित था, लेकिन स्वतंत्रता आंदोलन के समय 1893 में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने इसे सार्वजनिक उत्सव के रूप में मनाने की शुरुआत की. इसका उद्देश्य लोगों को एकजुट करना और देशभक्ति की भावना बढ़ाना था. आज यह पर्व न केवल धार्मिक रूप से, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी बेहद खास है. इस अवसर पर संगीत, कला, नृत्य और परंपराओं को बढ़ावा मिलता है.
गणेश चतुर्थी की शुरुआत और परंपराएं:- उत्सव 10 दिनों तक चलता है. इसकी शुरुआत गणपति स्थापना से होती है. भक्त अपने घर और पंडालों में गणेश जी की मूर्ति स्थापित कर पूजा-अर्चना करते हैं. पहले मूर्तियां शाडू मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बनाई जाती थीं. अब पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमा का इस्तेमाल बढ़ गया है.



