Home छत्तीसगढ़ एनएचएम कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल चौथे दिन भी जारी, स्वास्थ्य सेवाएं ठप

एनएचएम कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल चौथे दिन भी जारी, स्वास्थ्य सेवाएं ठप

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मुंगेली : छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के आव्हान पर मुंगेली जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों ने 18 अगस्त सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। शुक्रवार को हड़ताल का चौथा दिन रहा, जहां कर्मचारी आगर क्लब मैदान में डटे रहे। हड़ताल का असर जिले के स्वास्थ्य तंत्र पर गहराई से दिख रहा है। जिला अस्पताल मुंगेली का एसएनसीयू (नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई), पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) और पीडिया वार्ड पूरी तरह से बंद हो चुके हैं। वहीं कई आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी बंद रहने से मरीजों को भटकना पड़ रहा है।

कर्मचारी संघ के संरक्षक अमित दुबे एवं जिलाध्यक्ष पवन निर्मलकर ने बताया कि उनकी 10 सूत्रीय मांगों में संविलियन एवं स्थायीकरण, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना, ग्रेड पे निर्धारण, लंबित 27% वेतन वृद्धि, कार्य मूल्यांकन सीआर में पारदर्शिता, नियमित भर्ती में आरक्षण, अनुकंपा नियुक्ति, मेडिकल एवं अवकाश सुविधा, स्थानांतरण नीति और 10 लाख तक कैशलेस स्वास्थ्य बीमा शामिल है। जिले में करीब 350 एनएचएम कर्मचारी कार्यरत हैं जिनमें चिकित्सक, नर्स, थेरेपिस्ट, लैब टेक्निशियन, कार्यालयीन स्टाफ और डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं। हड़ताल की वजह से स्वास्थ्य विभाग की कार्यालयीन व्यवस्था भी ठप हो गई है। कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 20 वर्षों से स्वास्थ्य सेवा में योगदान दे रहे हैं। ग्रामीण व वनांचल क्षेत्रों में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, प्रसव, OPD, IPD और आपातकालीन सेवाओं में उनकी भूमिका अहम रही है। इसके बावजूद उन्हें स्थायीकरण और समान वेतन जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है।

कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि भाजपा के घोषणा पत्र और “मोदी गारंटी” में यह आश्वासन दिया गया था कि सरकार बनने के 100 दिनों के भीतर संविदा कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। लेकिन डेढ़ साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। धरने में डॉ. अखिलेश बंजारे ने राजनीतिक दलों पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। डॉ. ज्योति पाण्डेय ने नियमित और एनएचएम कर्मचारियों के बीच भेदभाव का मुद्दा उठाया। धीरज रात्रे ने याद दिलाया कि नेताओं ने चुनाव से पहले नियमितीकरण का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद भूल गए। धरना स्थल पर मनीषा गुप्ता, अमिताभ तिवारी, उदय भानु सिंह बंजारे, गोविंद साहू, मिर्ज़ा तोशेर अहमद बेग, प्रेमलता मंडावी, डॉ. मोनिका कुर्रे, डॉ. लीना बरले, डॉ. ऋषिराज मेश्राम, चंद्रहास सेन, नम्रता बंजारे, अमित खांडेकर, बलराम साकत, अर्चना रही, राजकुमार साहू, अमित सिंह, देवी साहू समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। आंदोलनरत कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित में अमल नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

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