

राधेश्याम सोनवानी गरियाबंद : गरियाबंद में 18 दिनों से NHM कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। बर्खास्तगी की कार्यवाही से कर्मी काफी नाराज दिखे और हड़ताली NHM कर्मचारियों ने ठेका प्रथा के खिलाफ प्रदर्शन कर बैनर–पोस्टर जलाए, इसके बाद सैकड़ों की संख्या में रैली की शक्ल में सीएमएचओ कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने सामूहिक इस्तीफा दिया।

मालूम हो कि NHM कर्मी धरना स्थल गांधी मैदान से नारेबाजी करते हुए पुतला दहन करने तिरंगा चौक पहुंचे, जहां उन्होंने मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस ने बड़ी चतुराई से पुतला छीनकर भाग गए। इससे NHM कर्मियों में भारी नाराजगी देखने को मिला, इस बीच अधिकारियों के साथ कर्मियों की नोंकझोंक भी देखने को सामने आई। इसके बाद सभी कर्मी सड़क में बैठकर नारेबाजी की साथ ही प्रदर्शन किया। इस दौरान पूरा माहौल गहमागहमी से भरा रहा। उन्होंने ठेका प्रथा के विरोध में बैनर–पोस्टर जलाए, तत्पश्चात दो किलोमीटर पैदल चलकर सीएमएचओ कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने सामूहिक इस्तीफा दिया। NHM कर्मियों ने इस्तीफे के बाद भी आंदोलन जारी रहने की बात कही है। बता दें कि गरियाबंद में दो प्रमुख पदाधिकारी को बर्खास्त कर दिया गया है, जिसे लेकर NHM के कुल 460 कर्मियों ने सामूहिक इस्तीफा दिया है। वहीं चुनाव घोषणा पत्र में किए गए मोदी की गारंटी को लागू नहीं करने और आंदोलनरत कर्मियों पर बर्खास्तगी जैसी दमनकारी प्रशासनिक कार्यवाही के विरोध में सामूहिक त्यागपत्र दिया है।



