
8 सितम्बर 2025:- मानसून के मौसम में तरह-तरह की बीमारियां फैलती हैं. जिसमें से सबसे गंभीर बीमारी है डेंगू की. डेंगू में तेज बुखार होता है. एडीज मच्छर के काटने से डेंगू की बीमारी फैलती है. इसके लक्षण आमतौर पर फ्लू जैसे होते हैं लेकिन गंभीर स्थिति में ये रक्तस्त्राव वाले बुखार में बदल जाता है, जो जानलेवा भी हो सकता है. डेंगू बुखार में एक और समस्या आती है प्लेटलेट्स के कम होने की. ये क्यों होती है और इसकी कमी के लक्षण क्या है
प्लेटलेट्स खून के जमने में मदद करता है. जब प्लेटलेट्स की संख्या सामान्य से कम हो जाती है तो शरीर में कई तरह के लक्षण दिखाई देते है. एक्सपर्ट के मुताबिक अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो जानलेवा स्थिति हो जाती है. डेंगू का मच्छर सीछे अस्थि मज्जा की गति को धीमा कर देता है, जो प्लेटलेट्स बनाते हैं. इसी कारण से डेंगू बुखार के 3 से 4 दिन बाद प्लेटलेट्स की संख्या कम होने लगती है.
1. बार-बार नाक या मसूड़ों से खून आना:- डेंगू में प्लेटलेट्स की संख्या होने पर खून जमना बंद हो जाता है. जिस कारण से मरीज को नाक से खून आना, मसूड़ों से खून बहना या मामूली चोट लगने पर भी देर तक खून बहने जैसी समस्या हो जाती है.
2. शरीर पर लाल या बैंगनी धब्बे:- जब शरीर में डेंगू के कारण प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है तब स्किन पर छोटे-छोटे लाल और बैंगनी रंग के धब्बे बनते लगते हैं. खून जमने की क्षमता कम हो जाने पर खून की नसें फट जाती है जिन्हें capillaries कहते हैं. इसके कारण शरीर पर लाल और बैंगनी रंग के धब्बे दिखने लगते हैं.
3. तेज़ और लगातार बुखार के साथ थकान:- डेंगू में तेज बुखार आता है. ये 102 से 104 डिग्री कर पहुंच जाता है. जब प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं तो मरीज को कमजोरी, थकान और चक्कर आने जैसी शिकायत हो जाती है.
4. पेट में दर्द और उल्टी:- कम प्लेटलेट्स होने पर मरीज को तेज पेच दर्द की शिकायत हो सकती है. बार-बर उल्टी की समस्या हो सकती है. ये गंभीर स्थिति होती है. इसमें तुरंत इलाज कराना शुरू कर देना चाहिए.
कब डॉक्टर से तुरंत मिलें:- अगर ऊपर बताए गए किसी भी तरह का लक्षण दिख रहा है तो मरीज को तुरंत डॉक्टर को दिखाएं. नियमित खून की जांच करते रहें ताकि प्लेटलेट्स की संख्या पर नजर रखी जा सके.
प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए क्या खाएं
1. पपीता, पपीता के पत्ते
2. चुकंदर
3. नारियल पानी खूब पिएं
4. अनार खाएं
5. पालक और ब्रोकली



