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क्यों और कैसे होता है माइग्रेन का दर्द? यहां पढ़ें इसके लक्षण और कैसे करें इसे मैनेज

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नई दिल्ली :  अमेरिकन माइग्रेन फाउंडेशन के अनुसार मौसम में बदलाव, थकान, तनाव, एंजाइटी, नींद की कमी, डिहाइड्रेशन और खासकर महिलाओं में होने वाले हॉर्मोनल बदलावों की वजह से माइग्रेन का अटैक आ सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया में लगभग 1 अरब लोग माइग्रेन से पीड़ित हैं। इतना ही नहीं समय पर ना खाना, भारी-भरकम एक्सरसाइज, शराब जैसी चीजें इसे ट्रिगर कर सकता है। आइए, जानते हैं माइग्रेन की इस समस्या और इससे बचाव के बारे में।

क्या होता है माइग्रेन?
एक्सपर्ट का कहना है कि यह सिर्फ एक सिरदर्द नहीं, बल्कि दिमाग के काम करने के तरीकों को भी प्रभावित करता है। यह दर्द दिमाग और गर्दन से आने वाले सिग्नल में होने वाली गड़बड़ी का भी नतीजा है। इस दौरान सीजीआरपी नाम का एक खास केमिकल निकलता है जो सिर की नसों पर प्रभाव डालता है और दर्द शुरू हो जाता है। इसके बाद धीर–धीरे लक्षण और बिगड़ने लगते हैं।

ऐसे नजर आते हैं माइग्रेन के लक्षणपुरुषों के मुकाबले महिलाओं को ज्यादा प्रभावित करने वाली समस्या माइग्रेन के लक्षण सबमें एक जैसे नजर नहीं आते, लेकिन कुछ आम लक्षण इस प्रकार के हो सकते हैं:

  • दर्द शुरू होने पर कुछ ना कुछ खाने की क्रेविंग बढ़ जाती है।
  • चिड़चिड़ाहट और थकान महसूस होती है।
  • उबासी या नींद जैसी आने लगती है।
  • गर्दन में भी दर्द हो सकता है।

इन चीजों से मिल सकती है राहतखाना नियमित रूप से खाएं और डिहाइड्रेट ना होंब्रेकफास्ट न करना या दो मील्स के बीच लंबा गैप भी कई बार माइग्रेन अटैक को ट्रिगर कर सकता है। सही टाइम पर खाना खाएं और डिहाइड्रेशन से बचें।

ओमेगा-3 फैटी एसिड है फायदेमंदओमेगा-3 एक जरूरी फैटी एसिड है। कम फैट वाली मछली, अलसी के बीज, अखरोट और अंडे में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। डाइट में ऐसी चीजों को शामिल करने से माइग्रेन में आराम मिलता है। इतना ही नहीं ओमेगा-6 फैटी एसिड युक्त कद्दू के बीज (pumpkin seeds), पाइन नट्स और पिस्ता जैसे फूड आयटम भी सिरदर्द में फायदेमंद होते हैं।

एक्यूप्रेशर से मसल्स का तनाव होता है कमगर्दन और कंधों की टाइटनेस भी कई बार माइग्रेन या सिरदर्द के अटैक का कारण बनती है। इसे दूर करने के लिए एक्यूप्रेशर से काफी मदद मिलती है। लेकिन इसे खुद करने की बजाय किसी एक्सपर्ट से करवाना ज्यादा बेहतर रिजल्ट दे सकता है।

सिर की मसाज भी पहुंचाती है आरामइसमें मसाज या चंपी भी काफी आराम पहुंचाती है। इससे टेंशन कम हो जाती है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर हो जाता है। लेवेंडर ऑयल, पिपरमेंट ऑयल या बेसिल ऑयल की कुछ बूंदें कैरियर ऑयल में डालकर मसाज करने या डिफ्यूजर में इसकी कुछ बूंदें डालकर इस्तेमाल करने से भी आराम का एहसास होता है।

ये चीजें दे सकती हैं नुकसानडॉक्टर्स का मानना है कि माइग्रेन से पीड़ित कई लोगों में पनीर, केला, चॉकलेट, कैफीनयुक्त चीजें ट्रिगर का काम करती हैं। इसलिए अपने ट्रिगर की पहचान कर उनसे बचें।

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