उमरिया/विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटे क्षेत्रों में बाघों की बढ़ती गतिविधियां लगातार जानलेवा साबित हो रही हैं। पनपथा कोर क्षेत्र के झलवार गांव के समीप शनिवार को बाघ के हमले में एक युवक की मौत हो गई। यह घटना बीते 24 घंटों के भीतर बाघ के हमले से हुई दूसरी मौत है, जिससे आसपास के गांवों में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है।
जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान कल्याण सिंह (30 वर्ष), पिता रामकृपाल सिंह, निवासी ग्राम झलवार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि युवक जंगल से लगे क्षेत्र में मौजूद था, तभी घात लगाए बैठे बाघ ने उस पर हमला कर दिया। हमला इतना अचानक और खतरनाक था कि उसे बचने का मौका नहीं मिला और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले इसी इलाके में बाघ ने एक 45 वर्षीय महिला पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। लगातार दो दिनों में हुई इन घटनाओं ने वनांचल के गांवों में चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से बाहर निकलकर बाघों की बढ़ती आवाजाही अब आम लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।
घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और वन विभाग के प्रति नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से बाघों की सक्रियता बढ़ने के बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। लोगों ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने, वन कर्मियों की तैनाती मजबूत करने तथा ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
वन विभाग के अधिकारियों ने घटनाओं पर दुख व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने और क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाने की बात कही है। वहीं लगातार हो रहे हमलों ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम कब उठाए जाएंगे। ग्रामीण फिलहाल भय के साए में जीवन बिताने को मजबूर हैं।



