
लेह : जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार किए जाने के कुछ ही घंटों बाद राजस्थान के जोधपुर स्थानांतरित कर दिया गया है।
सूत्रों ने पहले ही जानकारी दी थी कि वांगचुक को जल्द ही लद्दाख से बाहर ले जाया जा सकता है। NSA बिना जमानत के लंबी अवधि के लिए एहतियातन हिरासत में रखने की अनुमति देता है और इस बीच, वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद लेह में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं।
सोनम वांगचुक पर हिंसा भड़काने के मामले में एक एफआईआर भी दर्ज की गई है। इससे उग्र हुए सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार को धमकी दी थी कि अगर उन्हें गिरफ्तार किया गया तो मुश्किलें बढ़ेंगीं।
लेह में इंटरनेट बंदइस बीच, लेह में लगातार तीसरे दिन भी निषेधाज्ञा जारी रही और एहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवाएं बंद रखी गईं। इस दौरान किसी भी तरह की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है।
सूत्रों ने बताया कि सोनम वांगचुक को लद्दाख पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एसडी सिंह के नेतृत्व में पुलिस दल ने उनके घर से गिरफ्तार किया और सोनम वांगचुक को गिरफ्तार करने के बाद जोधपुर जेल ले जाया गया है।
वांगचुक पर हिंसा भड़काने के अलावा नियमों का उल्लंघन कर विदेश से चंदा प्राप्त करने का भी आरोप है। इन्हीं आरोपों के आधार पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार को उनकी संस्था स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (एसईसीएमओएल) का विदेशी फंडिंग (एफसीआरए) का लाइसेंस रद कर दिया था।



