नई दिल्ली : चार महीने से पूरे देश को झमाझम बारिश से भिगोकर राहत देनेवाले मानसून ने अंतत: विदा ले ली। मौसम विभाग ने मानसून की विदाई की आधिकारिक घोषणा की। हालांकि, बीते कुछ दिनों से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को सोमवार को हुई झमाझम बारिश से फिर राहत मिली।
बिहार, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, मराठवाड़ा, केरल और लक्षद्वीप में हल्की वर्षा संभव है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश की संभावना है, जो मानसून विदाई के दौरान एक आखिरी फुहार जैसा होगा।
उप्र में बिजली गिरने से 22 की मौत, वर्षा से फसलों को नुकसान
मानसून की वापसी से पहले सोमवार को पूर्वांचल से शुरू हुआ बारिश का दौर मंगलवार को प्रदेश के मध्य और पश्चिम हिस्से तक पहुंच गया। इस दौरान बिजली गिरने से 22 लोगों की मौत हो गई। सबसे अधिक 14 मौतें कानपुर व आसपास के जिलों में हुई हैं।
इसके अलावा प्रयागराज, श्रावस्ती, हाथरस, अलीगढ़, बांदा, मथुरा व फिरोजाबाद में भी वज्रपात से जानें गई हैं। संभल में एक स्कूल पर बिजली गिरने से छत के मलबे की चपेट में आकर छह विद्यार्थी घायल हो गए। वर्षा के कारण कई जिलों में बाजरा, आलू व सरसों आदि फसलों को नुकसान पहुंचा है।
मौसम विभाग के मुताबिक इस साल सामान्य से आठ प्रतिशत अधिक बारिश रिकार्ड की गई। देश में 868.6 मिमी बारिश को सामान्य माना जाता है, जबकि इस साल 937.2 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। इस वजह से बीच-बीच में लोगों को बाढ़ और भूस्खलन के चलते आफत भी झेलनी पड़ी। इसके चलते करीब 1500 लोगों की मौत हुई। इसमें 935 लोगों की बाढ़ और भारी बारिश से, जबकि 570 लोगों की मौत वज्रपात से मौत हुई।



