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UPI ट्रांजेक्शन से लेकर ट्रेन टिकट बुकिंग और पेंशन तक, आज से बदल गए ये नियम…

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अक्टूबर की शुरुआत के साथ ही भारत में बैंकिंग, पेंशन, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, रेलवे टिकट बुकिंग और कई जरूरी सेवाओं में बड़े बदलाव लागू हो गए हैं. ये नियम आम आदमी से सीधे तौर पर जुड़े हैं और आपकी जेब से लेकर आपकी सुविधा तक को प्रभावित कर सकते हैं. आइए, आसान भाषा में जानते हैं कि आज से क्या-क्या बदल गया है.

UPI ट्रांजेक्शन में बदलाव:- UPI का इस्तेमाल हम सभी रोज करते हैं. अब पीयर-टू-पीयर (P2P) “कलेक्ट रिक्वेस्ट” यानी कोई व्यक्ति आपको पैसे भेजने के लिए रिक्वेस्ट करता है, यह फीचर बंद कर दिया गया है. इसका मकसद सुरक्षा बढ़ाना और धोखाधड़ी को रोकना है. यानी अब सिर्फ QR स्कैन या सीधे मोबाइल नंबर से पैसा ट्रांसफर किया जा सकेगा.

रेलवे टिकट बुकिंग के नए नियम:- अब IRCTC की वेबसाइट और ऐप से जनरल टिकट बुक करने के नियम भी बदले गए हैं. पहले 15 मिनट तक टिकट केवल आधार वेरिफाइड यूज़र्स ही बुक कर पाएंगे. इससे एजेंट्स की मनमानी पर रोक लगेगी और आम लोगों को टिकट मिलना आसान होगा.

स्पीड पोस्ट सेवा में बदलाव:- इंडिया पोस्ट ने स्पीड पोस्ट सेवा में ओटीपी-बेस्ड डिलीवरी शुरू की है. अब पार्सल डिलीवरी में OTP देना जरूरी होगा, जिससे सुरक्षा बढ़ेगी. साथ ही GST चार्ज अब बिल पर अलग से दिखाया जाएगा.

पेंशन नियमों में बदलाव:- NPS, अटल पेंशन योजना और अन्य स्कीमों के लिए अब नए CRA (Central Recordkeeping Agency) शुल्क लागू हो गए हैं. साथ ही NPS में निवेश करने वाले अब 100% पैसा इक्विटी (शेयर बाजार) में लगा सकेंगे. यह सुविधा पहले सीमित थी.

ब्याज दरों में फ्लेक्सिबिलिटी:- अब फ्लोटिंग-रेट वाले लोन (जैसे होम लोन) लेने वाले ग्राहकों को ब्याज दरों में बदलाव का फायदा पहले की तुलना में जल्दी मिलेगा. पहले 3 साल तक इंतजार करना पड़ता था, अब ये समय कम हो गया है. साथ ही ग्राहक फिक्स्ड से फ्लोटिंग रेट में भी स्विच कर सकेंगे.

विदेशी बैंक और NRI नियम:- RBI ने विदेशी बैंकों को उनके ऋण जोखिम प्रबंधन की जानकारी पारदर्शी करने के निर्देश दिए हैं. वहीं NRI अब नया PPF अकाउंट नहीं खोल सकते और पहले से चल रहे PPF को आगे नहीं बढ़ा पाएंगे.

सड़क सुरक्षा और GST इनवॉइसिंग में बदलाव:- कुछ राज्यों ने ट्रैफिक उल्लंघन पर जुर्माने की राशि बढ़ा दी है. वहीं, GST के तहत ई-इनवॉइसिंग की टर्नओवर सीमा घटा दी गई है, जिससे ज्यादा व्यापारियों को यह नियम अपनाना होगा.

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