
हर साल कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि के दिन धनतेरस का पर्व मनाया जाता है. धनतेरस से ही दिवाली के पांच दिवसीय त्योहार की शुरुआत होती है. धनतेरस को धन त्रयोदशी भी कहा जाता है. मान्यता है कि इसी दिन धंन्वंतरि भगवान समुद्र मंथन के समय अमृत का कलश लेकर प्रकट हुए थे. इस दिन माता लक्ष्मी, कुबेर महाराज और धंन्वंतरि भगवान की पूजा का विधान है.
धार्मिक मान्याओं के अनुसार, धनतेरस के दिन माता लक्ष्मी, कुबेर महाराज और धंन्वंतरि भगवान की पूजा करने से घर में धन-धान्य की कमी नहीं होती. पूजा पाठ के साथ-साथ इस दिन सोना-चांदी और नए बर्तनों की खरीदारी की जाती है. इस दिन खरीदारी करना शुभ माना जाता है. वहीं इस बार धनतेरस ज्योतिषीय लिहाज से भी बहुत शुभ माना जा रहा है. इस दिन कई मंगलकारी योग बन रहे हैं. इन योगों में भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाएगी. साथ ही इस दिन इन मुहूर्तों में खरीदारी करने से घर में अपार समृद्धि आएगी.
धनतेरस 2025:- हिंदू पंचांग के अनुसार, शनिवार 18 अक्टूबर यानी कल दोपहर 12 बजकर 18 मिनट पर कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि शुरु हो रही है. ये तिथि 19 अक्टूबर को दोपहर 01 बजाकर 51 मिनट पर समाप्त होगी. इस प्रकार 18 अक्टूबर को धनतेरस मनाया जाएगा.
धनतेरस शुभ एवं मंगलकारी योग:- धनतेरस के दिन ब्रह्म योग का निर्माण होगा. इस दिन ब्रह्म योग का संयोग देर रात तक रहेगा. इस दौरान भगवान धन्वंतरि की पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि आती है. साथ ही मानसिक और शारीरिक कष्टों से छुटकारा मिलता है.
शिववास योग:- धनतेरस के शुभ अवसर पर शिववास योग का भी निर्माण होगा. इस दौरान देवों के देव भोलेनाथ नंदी पर सवार होंगे. इस दौरान शुभ काम करने से सिद्धि मिलती है साथ ही विशेष काम में सफलता मिलती है.
धनतेरस पर खरीदारी का शुभ चौघड़िया मुहूर्त
शुभ काल- सुबह 7 बजकर 49 मिनट से सुबह 9 बजकर 15 मिनट तक रहेगा. लाभ उन्नति मुहूर्त- दोपहर 1 बजकर 32 मिनट से दोपहर 2 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. अमृत काल- दोपहर 2 बजकर 57 मिनट से शाम 4 बजकर 23 मिनट तक रहेगा. चर काल- दोपहर 12 बजकर 6 मिनट से दोपहर 1 बजकर 32 रहेगा.



