नई दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी और आरएसएस के बीच चल रही बयानबाजी के बीच योग गुरु एवं पतंजलि आयुर्वेद के सह-संस्थापक बाबा रामदेव ने कहा कि ”भारत-विरोधी ताकतें” और ”सनातन-विरोधी ताकतें” अपने गुप्त एजेंडे और स्वार्थ को पूरा करने के लिए इस संगठन पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारत विरोधी ताकतें देश में सनातनी जीवन शैली और हिंदू संगठनों का विरोध करने का एजेंडा चला रही हैं। उन्होंने सनातन धर्म के नाम पर जातिगत भेदभाव की प्रथा की आलोचना करते हुए कहा कि यह ”सनातनी संस्कृति” नहीं बल्कि ”तनातनी संस्कृति” है।
उन्होंने कहा कि टैरिफ लगाना किसी देश के खिलाफ आतंकवाद फैलाने जैसा है और उन्होंने ”आर्थिक युद्ध” के इस तरीके की तुलना तीसरे विश्व युद्ध जैसी स्थिति से की। उन्होंने कहा, ”टैरिफ आतंकवाद है, यह बहुत खतरनाक है। अगर तीसरा विश्व युद्ध होता है तो वह यही आर्थिक युद्ध होगा। इसमें कम से कम गरीब एवं विकासशील देशों का खयाल रखा जाना चाहिए।”



