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एनएमडीसी का 68वां स्थापना दिवस: बैलाडिला से नगरनार तक साहस और सफलता की स्वर्णिम गाथा

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एस एच अज़हर अमन पथ दंतेवाड़ा हैदराबाद :  भारत की लौह-इस्पात क्षमता को मजबूत आधार देने वाली प्रतिष्ठित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनएमडीसी ने 15 नवंबर 2025 को अपना 68वां स्थापना दिवस भव्य उत्साह, गौरव और एकता के साथ मनाया। मुख्यालय के सशक्त मार्गदर्शन में आयोजित इस मनमोहक समारोह में पद्मश्री से सम्मानित सुप्रसिद्ध गायक कैलाश खेर और उनकी टीम ने सुरमयी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में असाधारण ऊर्जा का संचार किया, जिसने “एनएमडीसी – एक परिवार” की भावना को नए आयाम प्रदान किए।

विभिन्न राज्यों की परियोजनाओं—छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना—से चयनित उत्कृष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एनएमडीसी के सम्माननीय सीएमडी अमिताभ मुखर्जी जी के कर-कमलों द्वारा “सीएमडी अवार्ड” और विशिष्ट सम्मान प्रदान किए गए। ये पुरस्कार न केवल उत्कृष्ट प्रदर्शन की मान्यता थे, बल्कि कंपनी के अदम्य परिश्रम, तकनीकी दक्षता और अनुशासन के प्रतीक भी बने।

श्रम संगठन की बधाई एवं शुभकामनाएं
मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (INTUC) किरंदुल के अध्यक्ष विनोद कश्यप और सचिव ए.के. सिंह ने एनएमडीसी परिवार के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों तथा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े भाइयों-बहनों और साथियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 68 वर्षों की उपलब्धियां श्रमिकों की निष्ठा, प्रबंधन की दूरदर्शिता और तकनीकी प्रगति का उत्कृष्ट परिणाम हैं।

बैलाडिला से नगरनार तक: साहस, संघर्ष और सफलता की कहानी
एनएमडीसी की यात्रा भारतीय औद्योगिक इतिहास का अमर अध्याय है। वर्ष 1962-64 के कठिन दौर में बस्तर के घने जंगलों में बैलाडिला की नींव रखी गई, जब न सड़कें थीं, न बिजली, न आवास और न ही पीने का पानी। संस्थापक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने तंबुओं और चटाइयों में रहकर, लाल पानी को शुद्ध करने के लिए छोटे गड्ढे बनाकर पीने योग्य जल तैयार करते हुए असाधारण कठिनाइयों का सामना किया।

इन वीरों के साहस, तपस्या और कर्मनिष्ठा ने बैलाडिला को न केवल लौह अयस्क की खदान बनाया, बल्कि मध्य प्रदेश के पन्ना क्षेत्र में हीरा निकालने वाली खदान के रूप में भी स्थापित किया, जिससे एनएमडीसी वैश्विक मानचित्र पर अंकित हुई।

उच्च गुणवत्ता वाली खदानें, आधुनिक स्टील प्लांट और डायमंड माइंस
आज एनएमडीसी एशिया की सर्वश्रेष्ठ लौह अयस्क खदानें, अत्याधुनिक डायमंड माइंस, विश्वस्तरीय खनन तकनीक और आधुनिकतम नगरनार स्टील प्लांट के माध्यम से अपनी पहचान नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। नगरनार प्लांट दक्षता, गुणवत्ता और अत्याधुनिक इस्पात उत्पादन का अनुपम उदाहरण है, जिसने भारत की औद्योगिक आत्मनिर्भरता को नई गति प्रदान की है।

श्रमिक: एनएमडीसी की धड़कन, शक्ति और आधार
कठोर पर्वतीय भूभाग, विकट मौसम, निरंतर जोखिम और अनिश्चित परिस्थितियों में कार्यरत एनएमडीसी के श्रमिक कंपनी की रीढ़ नहीं, बल्कि धड़कन हैं। उनका साहस, समर्पण और अटूट प्रतिबद्धता ही निरंतर प्रगति का वास्तविक आधार है।

कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन
भारत सरकार के उपक्रम एनएमडीसी ने सम्माननीय सीएमडी श्री अमिताभ मुखर्जी जी के कुशल एवं दूरदर्शी नेतृत्व में उत्पादन, सुरक्षा, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

सशक्त श्रम-प्रबंधन संबंध: अनुकरणीय परंपरा
एनएमडीसी का विकास श्रमिकों और प्रबंधन के बीच विश्वास, संवाद एवं सहयोग पर आधारित अनोखी परंपरा का फल है। ऑल इंडिया एनएमडीसी वर्कर्स फेडरेशन एवं संबंधित श्रम संगठनों ने वर्षों से श्रमिक-अनुकूल नीतियों और प्रभावी सामंजस्य को बनाए रखा, जो कार्यस्थल पर उत्कृष्ट वातावरण का आधार बना।परियोजना स्तर की शॉप काउंसिल से लेकर निगम स्तर के बाइपार्टाइट एवं ट्राइपार्टाइट फोरम तक लिए गए ऐतिहासिक निर्णय कंपनी की प्रगतिशील कार्य संस्कृति के प्रतीक हैं।

सामाजिक उत्तरदायित्व: एनएमडीसी की मजबूत पहचान
खनन के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, सड़क निर्माण, जल संरक्षण और सामाजिक उत्थान में एनएमडीसी का योगदान उल्लेखनीय रहा है। जगदलपुर मेडिकल कॉलेज, गीदम एजुकेशन हब और विभिन्न विकास परियोजनाएं कंपनी के सशक्त सीएसआर विजन की मिसाल हैं।

किरंदुल, बचेली, नगरनार, दोणामलाई और पन्ना परियोजनाओं के साथ कंपनी भविष्य में अधिक आधुनिक, मजबूत और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए पूरी तरह तैयार है।महारत्न की ओर आत्मविश्वास भरे कदम68 वर्षों की निरंतर साधना, उत्कृष्ट नेतृत्व, श्रमिक शक्ति और तकनीकी प्रगति ने एनएमडीसी को नवरत्न से आगे बढ़कर महारत्न बनने की दिशा में मजबूत दावेदार बना दिया है। आने वाले वर्षों में यह उपलब्धि कंपनी की गौरवगाथा में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ेगी।

मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (INTUC) ने सीएमडी, प्रबंधन, ऑल इंडिया एनएमडीसी वर्कर्स फेडरेशन, सभी श्रम संगठनों, अधिकारियों, कर्मचारियों, ठेका श्रमिकों तथा परियोजना से जुड़े सभी गणमान्यों को इस महत्वपूर्ण अवसर पर अभिनंदन, शुभकामनाएं और समृद्ध भविष्य की मंगलकामनाएं प्रेषित की हैं।

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