
आयुर्वेद में नीम को प्रकृति का वरदान कहा गया है. इसकी पत्तियां कड़वी जरूर होती हैं, लेकिन स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती हैं. सुबह खाली पेट नीम के पत्तों का सेवन शरीर को अंदर से शुद्ध करने, इम्यूनिटी बढ़ाने और कई तरह की त्वचा तथा पाचन संबंधी समस्याओं में राहत देने में सहायक माना जाता है. नीम के एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-ऑक्सिडेंट गुण इसे एक शक्तिशाली प्राकृतिक औषधि बनाते हैं. नियमित और सीमित मात्रा में सेवन करने से शरीर की प्राकृतिक सफाई होती है और समग्र स्वास्थ्य बेहतर रहता है. हालांकि, इसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है ताकि इसका उपयोग सुरक्षित और प्रभावी रहे.
इम्यूनिटी मजबूत करने में मदद:- नीम में एंटी-ऑक्सिडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को सपोर्ट कर सकते हैं.
त्वचा की समस्याओं में मददगार:- एक्ने, दाग-धब्बे और स्किन इंफेक्शन में नीम के गुण मददगार माने जाते हैं. यह शरीर को अंदर से शुद्ध रखने में मदद कर सकता है.
पाचन को सपोर्ट करता है:- नीम के पत्ते पाचन तंत्र को बेहतर बनाने और गैस, अपच जैसी समस्याओं से राहत देने में सहायक माने जाते हैं.
ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद:- नीम का सेवन ब्लड शुगर मैनेजमेंट को सपोर्ट कर सकता है, इसलिए डायबिटीज वाले लोगों में यह प्रसिद्ध है.
शरीर से टॉक्सिन हटाने में मदद:- नीम के पत्ते प्राकृतिक रूप से शरीर को डिटॉक्स करने में सहायक माने जाते हैं, जिससे त्वचा और बालों पर भी अच्छा प्रभाव पड़ सकता है.
मुंह की सेहत के लिए अच्छा:- नीम में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो मुंह के बैक्टीरिया नियंत्रण में मदद कर सकते हैं और सांस फ्रेश रखने में सहायक होते हैं.



