नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रभावी हुए आपातकालीन नियमों के तहत भारत ने और इजरायली हेरान एमके-2 ड्रोन खरीदने की शुरुआत की है।
इजरायली रक्षा उद्योग के सूत्रों के मुताबिक, इस अत्याधुनिक ड्रोन को भारत में बनाने पर भी बातचीत चल रही है। इस कदम से तकनीक के पूर्ण हस्तांतरण का रास्ता भी बन सकता है और रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया की छाप गहरी हो सकती है।
एक सूत्र ने बताया, ”सेना के तीनों अंगों ने एमके-2 खरीदने का फैसला किया है और हमें गर्व है कि नौसेना ने भी इसे खरीदने का फैसला किया है।” सूत्र ने हालांकि यह बताने से इन्कार कर दिया कि नौसेना कितने ड्रोन खरीदने की योजना बना रही है।
आइएआइ के एक अधिकारी ने कहा, ”हम मेक इन इंडिया को लेकर बहुत जागरूक हैं और उन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपने स्थानीय साझीदार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हमारा एक साझीदार एचएएल है और दूसरा एलकाम है। हमारा मकसद भारत में हेरान का भारतीय संस्करण बनाना है। न सिर्फ एमके-2, बल्कि दूसरे ड्रोन भी।”



