
नई दिल्ली: वंदे मातरम पर लोकसभा में हुई चर्चा के दौरान सरकार पर हमलावर रही तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य में अगले साल होने वाले चुनाव में फायदा उठाने के लिए भाजपा राष्ट्रगीत का इस्तेमाल कर रही है।
पार्टी ने यह भी कहा कि ऐसा कर भाजपा सरकार ने राष्ट्रगीत की आत्मा को 1937 के किसी भी प्रस्ताव की तुलना में कहीं ज्यादा कुचल रही है। लोकसभा में टीएमसी की ओर से उसकी मुखर सांसद महुआ मोइत्रा ने वंदे मातरम पर भाजपा को घेरते हुए कहा कि वास्तव में उनकी पार्टी इस बहस का स्वागत करती है क्योंकि इससे साबित होता है कि वह बंगाल की आत्मा से कितनी दूर है।
साथ ही वंदे मातरम के भाव का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी मां कभी भी आपके छोटे चुनावी लक्ष्यों की बंधक नहीं बनेंगी। वंदे मातरम की विरासत को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए महुआ ने पूछा कि भाजपा में कौन आजादी की लड़ाई से थोड़ा सा भी जुड़ाव होने का दावा कर सकता है कि उसे लगता है कि पार्टी राष्ट्रगीत की संरक्षक है।
सरकार पर गाने की भावना को बनाए रखने का दिखावा करते हुए धार्मिक बंटवारे को और गहरा करने का आरोप भी लगाया और कहा कि जो वंदे मातरम को प्रोत्साहित करने का दावा कर रही है उसने चांद का भी बंटवारा हो जाए यह सुनिश्चित कर दिया है।
महुआ ने कहा कि हिंदू महिलाएं अपनी छतों पर चांद देखकर करवा चौथ का व्रत खोल सकती हैं, लेकिन भाजपा शासित राज्य में एक मुसलमान को उसी चांद को देख ईद की नमाज पढ़ने से मना किया जाता है और देश के बंटवारे के लिए आप एक गीत को दोष दे रहे हैं।
बंगलादेशी और रोहिंग्या के नाम पर बंगलाभाषी बंगालियों को परेशान करने का दावा करते हुए महुआ ने भाजपा नेताओं पर निरंतर नफरत भरे भाषण देने का आरोप लगाया। साथ ही दावा किया कि सरकार के जल्दबाजी में मनमाने निर्देशों ने चुनाव अधिकारियों पर इतना दबाव डाला है कि आज बीएलओ आत्महत्या कर रहे हैं।
जन गण मन में रवींद्रनाथ टैगोर के सबको साथ लेकर चलने वाले विजन की अनदेखी कर चुनिंदा तौर पर वंदे मातरम का जिक्र करने को लेकर भी उन्होंने सरकार पर प्रहार किया। साथ ही भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर आपमें हिम्मत है, तो आइए और 2026 का बंगाल चुनाव लडि़ए 10 करोड़ बंगाली आपको वंदे मातरम का असली मतलब सिखाने के लिए उठ खड़े होंगे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आज लोकसभा में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि वंदे मातरम् से राष्ट्रभक्तों के लिए एनर्जी मिलती है जबकि राष्ट्रविरोधियों के लिए यह एलर्जी है। उनके अनुसार वंदे मातरम् सिर्फ गीत नहीं बल्कि राष्ट्रप्रेम की रीत है और कांग्रेस इसी से भयभीत है।
अनुराग ठाकुर ने वंदे मातरम् से मां दुर्गा की स्तुति और शक्ति की आराधना वाले हिस्सों को हटाना भारत की आत्मा को चीरना था। ऐसा करके कांग्रेस एंड कंपनी ने एक महापाप किया है । ठाकुर ने कहा कि जिन्ना को खुख करने के लिए न सिर्फ वंदे मातरम् के हिस्से हटाए गए, बल्कि 1947 में भारत के दो टुकड़े भी कर दिए। जिस गीत ने राष्ट्रवाद का ज्वार पैदा किया, अंग्रेजों से लड़ने का हौसला दिया, उससे चंद लोगों को दिक्कतें हो रही।



