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₹40,000 की सायबर ठगी का पर्दाफाश: जशपुर पुलिस ने झारखंड से पकड़ा ठग, दो मास्टरमाइंड फरार, सरिया छड़ दिलाने के नाम पर की थी दो लोगों से धोखाधड़ी

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जशपुर (छत्तीसगढ़): जशपुर पुलिस ने दिनांक 11.12.2025 को एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए सायबर ठगी के एक मामले का खुलासा किया है, जहाँ सरिया छड़ दिलाने के नाम पर ₹40,000 की धोखाधड़ी की गई थी। जशपुर पुलिस ने इस मामले में झारखंड के लोहरदगा जिले से एक आरोपी, अहतास अंसारी (उम्र 22 वर्ष, निवासी गाराडीह, थाना केरो) को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

यह मामला थाना सिटी कोतवाली जशपुर क्षेत्रांतर्गत ग्राम गिरांग के सरिया व्यापारी नेल्सन कुजूर और महुआ टोली के एक गृह-निर्माणकर्ता सत्येंद्र सिंह से जुड़ा है। ठगों ने इन दोनों को झांसे में लेकर धोखाधड़ी की।

ऐसे हुआ साइबर फ्रॉड
दिनांक 09.11.2025 को प्रार्थी नेल्सन कुजूर ने थाना सिटी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 05.11.2025 को उन्हें एक अज्ञात नंबर से फोन आया, जिसने ग्राम महुआ टोली निवासी सत्येंद्र सिंह के पास सरिया छड़ गिराने का ऑर्डर दिया। नेल्सन कुजूर ने अगले दिन, 06.11.2025 को, ₹1 लाख 90 हज़ार रुपये की छड़ सत्येंद्र सिंह की दुकान पर खाली करा दी। जब उन्होंने सत्येंद्र सिंह से भुगतान माँगा, तो उन्हें पता चला कि सत्येंद्र सिंह ने ₹40,000 फ़ोन-पे के माध्यम से कथित तौर पर उस व्यक्ति को दे दिए थे जिसने छड़ गिराने का ऑर्डर दिया था। इसके बाद, ऑर्डर देने वाला संदिग्ध मोबाइल नंबर बंद हो गया, जिससे ठगी का अहसास हुआ।
जाँच में पता चला कि ठगों ने पहले सत्येंद्र सिंह को खुद को ठेकेदार बताकर कम कीमत पर सरिया दिलाने का झांसा दिया। फिर उन्होंने नेल्सन कुजूर को फ़ोन करके सत्येंद्र सिंह के यहां छड़ गिराने का ऑर्डर दे दिया। जब सरिया गिराई जा रही थी, तभी ठगों ने सत्येंद्र सिंह से अपने फ़ोन-पे अकाउंट में ₹40,000 डलवा लिए।

पुलिस की धरपकड़
मामले की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने ठगों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया। टेक्निकल टीम की मदद से संदिग्ध मोबाइल नंबर को ट्रेस किया गया, जिससे पता चला कि आरोपी अहतास अंसारी झारखंड के लोहरदगा जिले का निवासी है। पुलिस टीम तत्काल लोहरदगा गई और आरोपी अहतास अंसारी को हिरासत में लेकर आई।

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने दो अन्य साथियों (जो इस ठगी के मास्टरमाइंड थे) के साथ मिलकर यह योजना बनाई थी। उसने बताया कि घटना से तीन दिन पहले वे जशपुर क्षेत्र में आकर लोगों को चिन्हित कर रहे थे। पुलिस ने अहतास अंसारी की निशानदेही पर दोनों फरार मास्टरमाइंड की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार पतासाजी की जा रही है।

पुलिस ने नेल्सन कुजूर की सरिया छड़ को वापस कर दिया है। आरोपी अहतास अंसारी के विरुद्ध थाना सिटी कोतवाली जशपुर में बी एन एस की धारा 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने आम जनता से एक बार फिर अपील की है कि वे किसी भी अंजान कॉल पर विश्वास न करें और लालच में आकर अपनी जानकारी साझा न करें। उन्होंने कहा, “जागरूकता ही सायबर ठगी से बचाव है।”

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