
दिल्ली में तेजी से प्रदूषण बढ़ता जा रहा है. हवा जहरीली होती जा रही है. दिल्ली में AQI 437 पर आने के बाद अब ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) लागू किया गया है. साथ ही हालात इतने बिगड़ते जा रहे हैं कि अब विदेशी दूतावास भी एडवाइजरी जारी कर रहे हैं. इस बीच अब भारत की मदद के लिए चीन आगे आया है. चीन ने भारत में अपने दूतावास के जरिए से वायु प्रदूषण को लेकर बयान जारी करते हुए कहा है कि तेज शहरीकरण की वजह से भारत और चीन दोनों ही देशों को वायु प्रदूषण की गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.
चीन कैसे करेगा मदद:- यू जिंग ने कहा कि वायु प्रदूषण से प्रभावी तरीके से निपटना इतना आसान नहीं है कि किसी एक दिन के प्लान से इसको हल किया जाए. बल्कि इसके लिए नीति, तकनीक और प्रशासनिक स्तर पर लगातार कोशिश जरूरी हैं. साथ ही भारत की मदद करने के लिए यह संकेत दिया कि आने वाले दिनों में चीन यह साझा करेगा कि उसने चरणबद्ध तरीके से वायु प्रदूषण पर कैसे काबू पाया. चीन की प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि बीजिंग इस साझा चुनौती पर भारत के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है. दोनों देश साफ हवा और बेहतर पर्यावरण की दिशा में मिलकर काम कर सकते हैं.
विदेशी दूतावासों ने जारी की एडवाइजरी:- देश की राजधानी दिल्ली आज जिस हालात में है, वो सिर्फ भारतीय नागरिकों के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता की बात बन चुकी है. हालात इतने बदतर हो गए हैं कि अब विदेशी दूतावासों को भी अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी करनी पड़ रही है. दिल्ली -NCR में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है. हाल ही में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज-4, जो सबसे सख्त चरण माना जाता है, लागू किया गया. इसके तहत निर्माण और औद्योगिक गतिविधियों पर भारी पाबंदियां लगाई गईं, स्कूलों और दफ्तरों को हाइब्रिड मोड अपनाने की सलाह दी गई और लोगों से घरों में रहने को कहा गया. दिल्ली में हवा इतनी जहरीली हो चुकी है कि आंखों में जलन, सांस की तकलीफ और हृदय और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है.



