Home स्वास्थ्य सांस की बीमारियां, कैंसर का जोखिम… आपके लंग्स को कितना नुकसान पहुंचा...

सांस की बीमारियां, कैंसर का जोखिम… आपके लंग्स को कितना नुकसान पहुंचा रहा प्रदूषण?

0

दिल्ली और उसके आस-पास के इलाके में बढ़ते प्रदूषण की वजह से आपके हमारे लंग्स का हाल बद से बदतर होता जा रहा है. टीवी9 भारतवर्ष से खास बातचती में वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डॉ संदीप शर्मा ने बताया कि जिस तरह से कोविड में हमारे लंग्स का बुरा हाल हो रहा था, उसी तरह प्रदूषण की वजह से लंग्स में काफी अधिक पैच देखने को मिल रहा है और इसका असर हमारे शरीर पर पड़ रहा है.

बढ़ रहा है लंग्स में पैच:- डॉ संदीप शर्मा ने बताया कि प्रदूषण आपके लंग्स के लिए काफी हानिकारक होता है. उन्होंने कहा कि आम तौर पर सीटी स्कैन और चेस्ट एक्सरे से पता चलता है कि लंग्स का हाल कैसा है. उन्होंने कहा कि हवा में मौजूद PM 2.5 जैसे सूक्ष्म कण सीधे फेफड़ों की गहराई और खून में पहुंच रहे हैं, जिससे न केवल सांस की बीमारियां बल्कि कैंसर का जोखिम भी बढ़ रहा है.

लंग्स नहीं कर रहा बेहतर तकीके से काम:- डॉ संदीप ने कहा कि प्रदूषण आपके लंग्स को कितना खराब कर रहा है यह ऐसे समझा जा सकता है, जैसे कि अगर AQI का स्तर 300 के आसपास है, तो वह दिन भर में 15 से 20 सिगरेट पीने जितना नुकसान पहुंचाता है. प्रदूषित हवा सांस की नली में जलन और सूजन पैदा करती है, जिससे फेफड़ों के काम करने की क्षमता कम हो जाती है.

गंभीर बीमारियों का बसेरा:- लंग्स खराब होने की वजह से गंभीर बीमारियां का जोखिम और भी बढ जाता है. मसलन दिल्ली जैसे शहरों में प्रदूषण के कारण नॉन-स्मोकर्स (जो धूम्रपान नहीं करते) में भी फेफड़ों के कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं. 2025 में भारत में फेफड़ों के कैंसर के मामलों की संख्या बढ़कर लगभग 81, 200 होने का अनुमान है. प्रदूषण के कारण क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) और अस्थमा के मरीजों का अस्पतालों में भर्ती होना बढ़ गया है. इसके साथ ही प्रदूषण बच्चों के फेफड़ों के विकास को स्थायी रूप से रोक सकता है और बुजुर्गों में मौजूदा श्वसन रोगों को जानलेवा बना सकता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here