
रिपोर्टर मुन्ना पांडेय सरगुजा : सर्दी का सितम- बजाये कम होने के बढता जा रहा है। फिज़ा में चुभती सर्द हवाओं तथा कोहरे का पहरा लगा हुआ है। ठिठुरती सर्दी से खुद ठंड भी ठंड से कंपकंपाने लगा है। तापमान गिरने से जनजीवन प्रभावित है राहत पाने दिन में भी आग अलाव का सहारा लिया जा रहा है। दिन में तो कुछ राहत है लेकिन सुबह-शाम ठंड बढ़ कर चरम पर पहुंच रही है।
मोटर गाड़ी सबेरे दिन के उजाले में हेड लाइट जला कर मुख्य मार्ग पर चल रहे हैं। सुबह क़ोहरे का असर इस हद तक कि दूर तो दूर पास की वस्तु भी नजर नहीं आ रही है। कुहासे के साथ ओस की बूंदें पढ़ने से ठंड में इजाफा हुआ है। कंपकंपाती ठंड बढ़ गई है। घर से बाहर निकलना मुहाल हो गया है लोग गर्म कपड़ों में भी बाहर खुले में निकलना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। पशु पक्षियों भी ठंड से काफी प्रभावित हैं। हर तरफ ठंड ही ठड और ठंड का जादू छाया हुआ है।



