
गंडई पंडरिया :- केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदल दिया गया है। इसके स्वरुप को बदल दिया गया है। इसका कांग्रेस द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश के अनुसार गंडई ब्लॉक कांग्रेस के द्वारा भी विभिन्न कार्यक्रम के द्वारा विरोध किया जाएगा । इसके लिए पूरी कार्ययोजना बना चुकी है। कांग्रेस की यूपीए सरकार ने गरीबों को 2005 में रोजगार का अधिकार दिया था । इस कानून में राज्य सरकार को 15 दिन के अंदर ग्रामीणों को रोजगार देने की बाध्यता थी अन्यथा सरकार को बेरोजगारी भत्ता देना होता हैं। इसकी विस्तृत जानकारी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष भिज्ञेश यादव द्वारा दिया गया है ।
इसमें बताया गया कि प्रतिवर्ष 5 करोड़ गरीबों को रोज़गार मिलता है। जिससे गांवों में पलायन रूका है। रोजगार का भुगतान सीधे मजदूरों के खाते में आता है। इससे विशेष रूप से महिलाओं, दलितों , आदिवासियों और आय से वंचित्व वर्ग को लाभ हुआ है। खासकर महिलाओं को कुल रोजगार में 60 प्रतिशत हिस्सा मिला है। 3 भाजपा की VB -GRAM – G अधिनियम में ग्राम सभा को कमजोर किया गया है। केंद्र के अंशदान को 90 प्रतिष्टबसे घटाकर 60 कर दिया गया है। जिससे पहले से ही खराब आर्थिक स्थिति वाले राज्य कर्ज में डूब जाएंगे। महात्मा गांधी का नाम को हटाना स्वतंत्रता संग्राम के महापुरुषों का अपमान है।
कांग्रेस ने प्रदेश की बैठक में मनरेगा बचाओ संग्राम को जन आंदोलन बनाने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत 10 जनवरी को जिला स्तरीय प्रेस वार्ता किया जाएगा । जिसमे नए कानून के दुष्प्रभाव की जानकारी दिया जाएगी। दिनांक 11 जानकारी को एक दिवसीय उपवास एवं प्रतीकात्मक विरोध सार्वजिक स्थान मक्खियां जाएगा । दिनांक 12 से 29 जनवरी को पंचायत स्तर पर जनसंवाद किया जाएगा । दिनांक 30 जानवरी को ब्लॉक और वार्ड स्तर पर शांतिपूर्ण धरना आयोजित किया जाएगा। दिनांक 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला स्तर पर मनरेगा को मूल स्वरूप में वापस लाने के लिए ज्ञापन सौंपा जाएगा। 7 फरवरी 15 फरवरी 2026 तक राज्य स्तरीय विधानसभा घेराव किया जाएगा। जिसमे केंद्र सरकार द्वारा अपनी जिम्मेदारी से बचने का विरोध किया जाएगा। 16 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक अभियान के समापन के रूप के एआईसीसी द्वारा चार प्रमुख क्षेत्रीय रैली का आयोजन किया जाएगा।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष भिज्ञेश ने बताया कि पूरे कार्यक्रम के लिए नगर एवं ग्राम स्तर की टीम को सक्रिय किया जाएगा। व्यतिगत एवं सोशल मीडिया से संपर्क किया जाएगा गरीबों के अधिकार में केंद्र ने जो कटौती की है उसका विरोध हर स्तर में किया जाएगा



