Home आस्था कल प्रदोष व्रत पर मासिक शिवरात्रि का शुभ योग, जानें पूजा का...

कल प्रदोष व्रत पर मासिक शिवरात्रि का शुभ योग, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि…

0

 हर माह में कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी पर प्रदोष का व्रत रखा जाता है. ये व्रत भगवान शिव को समर्पित है. इस दिन व्रत के साथ-साथ प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है. प्रदोष व्रत के दिन सच्चे मन से भोलेनाथ की पूजा और व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. प्रदोष व्रत जिस दिन पड़ता है उसका भी बहुत महत्व माना जाता है.

प्रदोष व्रत पर जो दिन पड़ाता है, उस दिन जो वार होता है उसी के नाम से प्रदोष का व्रत जाना जाता है. जनवरी माह का पहला प्रदोष व्रत कल है. कल शुक्रवार है. ऐसे में ये शुक्र प्रदोष व्रत रहेगा. प्रदोष के दिन मासिक शिवराात्रि भी रहेगी. इसलिए ये प्रदोष व्रत बहुत विशेष माना जा रहा है. आइए जानते हैं प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि.

प्रदोष व्रत पूजा शुभ मुहूर्त:-  प्रदोष व्रत के दिन प्रदोष काल में पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 45 मिनट से रात 08 बजकर 25 मिनट तक रहेगा. इस शुभ मुहूर्त में भगवान शिव की पूजा करना सर्वश्रेष्ठ माना जाता है.

प्रदोष व्रत पर मासिक शिवरात्रि का शुभ योग:- प्रदोष व्रत पर 2 बहुत शुभ योग बन रहे हैं. पहला तो ये कि कल शुक्रवार है. ये दिन माता लक्ष्मी की कृपा दिलाएगा. शुक्र प्रदोष व्रत महिलाओं के लिए विशेष कल्याणकारी माना गया है. इस दिन प्रदोष व्रत करने से दांपत्य जीवन सुखमय होता है. घर में माता लक्ष्मी का वास बना रहता है. वहीं कल प्रदोष व्रत के दिन मासिक शिवरात्रि भी रहेगी. लिहाजा प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि दोनों व्रतों का फल मिलेगा.

मासिक शिवरात्रि 2026 तिथि:-  माघ महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 16 जनवरी की सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर शुरू हो रही है. ये 17 व 18 जनवरी की मध्यरात्रि 12 बजकर 33 मिनट पर समाप्त होगी. मासिक शिवरात्रि की निशिता काल में की जाती है. लिहाजा मासिक शिवरात्रि व्रत कल 16 जनवरी को रखा जाएगा.

प्रदोष व्रत पूजा विधि

  • प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान कर लें.
  • शाम को प्रदोष काल में पूजा के लिए एक साफ चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं.
  • उस पर महादेव संग पूरे शिव परिवार की स्थापना करें.
  • सभी को फूलों की माला चढ़ाएं.
  • शुद्ध जल, दूध, दही, घी, शहद और गुड़ व शक्कर से शिवलिंग का अभिषेक करें.
  • महादेव को 11 बिल्वपत्र चढ़ाएं. ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here