ईरान में 19 दिन तक चले विरोध-प्रदर्शन के बाद अब हालात शांत बताए जा रहे हैं. ईरान के पुलिस चीफ के मुताबिक, देश भर में स्थिति सामान्य हो गई है. अमेरिकी मानवाधिकार संगठन HRANA के मुताबिक, अब तक 2,677 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 2,478 प्रदर्शनकारी और 163 सरकारी कर्मचारी शामिल हैं. इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है. हिंसक प्रदर्शन के 19 दिन में भारी नुकसान हुआ है. 30 प्रांतों में करीब 250 मस्जिदें और 20 धार्मिक केंद्रों को नुकसान पहुंचा.
सिर्फ तेहरान में ही सैकड़ों गाड़ियां आग के हवाले कर दी गईं. यहां 364 बड़ी और 419 छोटी दुकानों को नुकसान पहुंचा. 182 एम्बुलेंस और फायर डिपार्टमेंट के सामान को मिलाकर 5.3 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ. बैंकों के 317 ब्रांच पूरी तरह तबाह हो चुके हैं. 4,700 बैंकों को 10% से 90% नुकसान हुआ है. 1,400 एटीएम को नुकसान पहुंचा, 250 एटीएम पूरी तरह बंद हो गए. बिजली क्षेत्र में 6.6 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ. शिक्षा और संस्कृति से जुड़ी धरोहरों पर भी बुरा असर पड़ा है. 265 स्कूल और शिक्षा केंद्र, 3 बड़ी लाइब्रेरी, 8 सांस्कृतिक और पर्यटन स्थल, और 4 सिनेमाघर क्षतिग्रस्त हुए.
ईरान में 800 लोगों की मौत की सजा रुकी:- व्हाइट हाउस ने गुरुवार को बयान जारी किया था कि ट्रंप और उनकी टीम ने ईरान में और खून खराबा होने पर गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है. व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिना लैविट ने कहा कि ट्रंप को पता है कि ईरान में 800 लोगों की मौत की सजा रोक दी गई है. उनके टेबल पर सभी ऑप्शन मौजूद थे. ईरान में महंगाई और आर्थिक संकट से परेशान जनता ने 28 दिसंबर को सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरू किए थे.
पुतिन ने नेतन्याहू और पजेशकियान से बात की:- रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत हुई. दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट और ईरान की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की. पुतिन ने ईरान मुद्दे पर मध्यस्थता में मदद की पेशकश की. पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेशकियान से भी अलग फोन कॉल पर बात की. ईरानी मीडिया के मुताबिक, पजेशकियान ने पुतिन से कहा कि देश में अशांति के पीछे अमेरिका और इजराइल का हाथ है.



