
कोमल ग्वाला अमनपथ ब्यूरो चीफ जशपुर :डीलिस्टिंग की मांग को लेकर देशभर के जनजातीय समाज का गुस्सा अब राजधानी दिल्ली तक पहुंचने वाला है। आगामी 24 मई को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली डीलिस्टिंग गर्जना महारैली की तैयारियों को लेकर हुई अहम बैठक में आंदोलन की रूपरेखा तय कर ली गई।
बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संयोजक गणेश राम भगत ने साफ शब्दों में कहा कि यह देश के इतिहास में पहली बार होगा जब लाखों जनजातीय समाज एक ही मुद्दे—डीलिस्टिंग—पर एकजुट होकर सड़कों पर उतरेंगे और अपनी मांग को मजबूती से रखेंगे।
पूर्व मंत्री गणेश राम भगत ने बताया कि सरगुजा संभाग के हर गांव से सैकड़ों लोग इस महारैली में शामिल होंगे। केवल सरगुजा संभाग से ही 50 हजार से अधिक जनजातीय समाज के लोगों के दिल्ली पहुंचने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि विकासखंड, जिला और प्रदेश स्तर पर आंदोलन के बाद अब सीधा दिल्ली कूच होगा, जो जनजातीय आंदोलन के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा।
प्रांत संयोजक रोशन प्रताप सिंह ने संगठन को धार देते हुए कहा कि ग्राम से जिला स्तर तक समितियों का गठन पूरा किया जाएगा और हर गांव में डीलिस्टिंग की मांग को लेकर ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि सांसदों, विधायकों से लेकर सरपंचों तक सभी जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर समर्थन जुटाने के लिए व्यापक संपर्क अभियान चलाया जाएगा।बैठक में संरक्षक पनत राम भगत ने ‘दिल्ली चलो’ अभियान को जनआंदोलन का रूप देने पर जोर देते हुए गांव-गांव जनजागरण यात्रा, पदयात्रा, वाहन यात्रा और दीवार लेखन के माध्यम से माहौल बनाने का आह्वान किया।
बैठक में संरक्षक महेश्वर राम, केंद्रीय टोली सदस्य रवि भगत, प्रांत सह संयोजक इंदर भगत, लालदेव भगत, जिला संयोजक मानेश्वर भगत, संत सिंह, मेहीलाल आयाम, संपत लाल भगत, मानकेश्वर भगत, रज्जू राम, श्रीराम भगत, अमवती सिंह, जयंती भगत, शशिकरण खेस, स्वाति संत सिंह, प्रताप सिंह, दुखसिंह भगत, बालक राम भगत, फाल्गुनी नन्दे, रंजीत, अर्जुन सिंह, विद्यासागर सिंह, आशीष सहित प्रांत, जिला और विकासखंड स्तर के पदाधिकारी मौजूद रहे।



