
अक्सर घरों में खाना खाने के बाद होटल हो या घर, सौंफ और मिश्री खाने को दी जाती है। हम में से ज्यादातर लोग इसे केवल एक माउथफ्रेशनर के तौर पर देखते हैं, जो मुंह की दुर्गंध दूर करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आयुर्वेद में सौंफ और मिश्री के मिश्रण को एक औषधि के समान माना गया है? यह छोटी सी दिखने वाली चीज आपके पाचन तंत्र से लेकर शरीर की एनर्जी लेवल तक को सुधारने में मदद करता है। आइए जानते हैं कि मिश्री और सौंफ को दिन में कितनी बार बार खानी चाहिए?
सौंफ और मिश्री पाचन के लिए है वरदान:- सौंफ और मिश्री का सबसे बड़ा फायदा हमारे पाचन तंत्र को मिलता है। सौंफ में ऐसे एसेंशियल ऑयल्स पाए जाते हैं जो पाचक रसों और एंजाइम्स को मजबूत करता है। भारी भोजन के बाद इसे खाने से भोजन जल्दी पचता है और पेट फूलने या गैस की समस्या नहीं होती है। इतना ही नहीं, यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे वजन घटाने में भी मदद मिलती है।
सौंफ और मिश्री हीमोग्लोबिन में करता है सुधार:- क्या आप जानते हैं कि मिश्री और सौंफ का सेवन एनीमिया यानी खून की कमी को दूर करने में सहायक है? मिश्री में आयरन की मात्रा होती है और जब इसे सौंफ के साथ लिया जाता है, तो यह शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बेहतर बनाने और ब्लड सर्कूलेशन में मदद करता है।
सौंफ और मिश्री आंखों की रोशनी के लिए फायदेमंद:- आयुर्वेद के अनुसार, सौंफ और मिश्री का नियमित सेवन आंखों की रोशनी बढ़ाने में मददगार साबित होता है। इसके अलावा, यह मिश्रण शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है और मानसिक थकान को कम कर दिमाग को शांत रखता है।
खांसी और गले की खराश में राहत:- बदलते मौसम में अगर आपको सूखी खांसी या गले में खराश की शिकायत है, तो सौंफ और मिश्री को चबाना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इसके औषधीय गुण गले की सूजन को कम करते हैं।



