
रायगढ़: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी एवं सीएसपी मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना पुसौर पुलिस द्वारा बालिका से छेड़खानी के गंभीर मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।प्रकरण में कल दिनांक 28.01.2026 को पीड़िता अपने परिजनों के साथ थाना पुसौर पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि राहुल सिंह नामक युवक आए दिन उसके आने-जाने पर अशोभनीय टिप्पणी करता था। दिनांक 28.01.2026 की सुबह जब उसके माता-पिता बाजार गए हुए थे और वह घर में खाना बना रही थी, तभी आरोपी राहुल सिंह उसके घर का दरवाजा खटखटाकर अंदर घुस आया। किचन से बाहर आने पर आरोपी उसके पिता के बारे में पूछने लगा, पीड़िता द्वारा घर में कोई नहीं होने की बात बताने पर आरोपी ने बालिका को अकेला पाकर बेइज्जती करने की नीयत से छेड़खानी शुरू कर दी। बालिका के शोर मचाने पर उसकी दादी मौके पर पहुंची, तब आरोपी घर से फरार हो गया। बाद में पीड़िता ने घटना की जानकारी अपनी दादी एवं माता-पिता को दी।
पीड़िता की रिपोर्ट पर थाना पुसौर में अपराध क्रमांक 24/2026 धारा 74, 75(2), 331(3) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 8 पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में उप निरीक्षक कुंदन लाल गौर, एएसआई उमाशंकर नायक एवं हमराह स्टाफ द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राहुल सिंह पिता मोहन सिंह उम्र 26 वर्ष निवासी पुसौर को गिरफ्तार किया गया, जिसे आज माननीय न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशि मोहन सिंह ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि बालिकाओं एवं महिलाओं के विरुद्ध अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। ऐसे मामलों में आरोपियों पर कठोरतम कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि यदि कहीं भी महिलाओं या नाबालिग बालिकाओं से संबंधित किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार या अपराध की जानकारी मिले तो तत्काल नजदीकी थाना या डायल 112 में सूचना दें। एसएसपी श्री सिंह ने कहा कि समाज की सहभागिता से ही ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है और रायगढ़ पुलिस हर पीड़ित के साथ मजबूती से खड़ी है।
रायगढ़ पुलिस द्वारा बालिकाओं एवं महिलाओं से संबंधित अपराधों पर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाते हुए सख्त कार्यवाही लगातार जारी है।



