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राजिम कुंभ कल्प शुरू होने से पहले सियासी घमासान तेज,“नाम बदला, भव्यता घटी; जनता की जेब पर सीधा वार”

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राजिम कुंभ को लेकर पूर्व विधायक अमितेश शुक्ल का भाजपा सरकार पर बड़ा हमला

राधेश्याम सोनवानी गरियाबंद :  राजिम कुंभ कल्प के शुरू होने से पहले ही सियासत गरमा गई है। राजिम के पूर्व विधायक अमितेश शुक्ल का तीखा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने आयोजन व्यवस्था, ठेका प्रक्रिया, आयोजन के दौरान शराब दुकान बंद किए जाने और धान खरीदी को लेकर भाजपा सरकार व प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

पूर्व विधायक अमितेश शुक्ल ने आरोप लगाया कि कुंभ आयोजन के दौरान अब तक शराब दुकानों को बंद करने को लेकर कोई आदेश जारी नहीं किया गया है, जबकि यह आस्था और संस्कृति से जुड़ा बड़ा आयोजन है। उन्होंने कहा कि कुंभ के दौरान शराब दुकानें खुली रहना श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।

महंगे ठेकों पर सवाल
पूर्व विधायक शुक्ल ने आयोजन से जुड़ी इवेंट कंपनी और मीना बाजार को महंगे दरों पर ठेका दिए जाने पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि इन फैसलों का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने कुंभ का नाम बदलने के साथ ही इसकी भव्यता और गरिमा को भी खत्म कर दिया है।

धान खरीदी पर भी सरकार को घेरा
पूर्व विधायक ने धान खरीदी व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि खरीदी केंद्रों में भारी लापरवाही हो रही है, लेकिन इसके बावजूद किसी तरह की प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने कुंडेलभाठा संग्रहण केंद्र का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले वर्ष यहां लगभग 27 करोड़ रुपए की सूखत सामने आई थी, फिर भी जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

किसानों की परेशानी, तारीख बढ़ाने की मांग
अमितेश शुक्ल ने कहा कि अव्यवस्था के चलते किसान परेशान हैं और धान खरीदी की अंतिम तारीख बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि किसानों को राहत मिल सके। कहा कि किसानों के टोकन नहीं कट रहे हैं, किसान अपनी पूरे धान को बेच नहीं पा रहे हैं। आरोप लगाया कि जो लक्ष्य तय किए गए थे, उसे भी पूरा नहीं किए जा सके हैं।

गौरतलब है कि राजिम कुंभ कल्प का आयोजन 01 फरवरी से 15 फरवरी तक आयोजन होना है, लेकिन आयोजन से पहले ही उठ रहे ये सवाल प्रशासन और सरकार के लिए चुनौती बनते नजर आ रहे हैं।

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