
महासमुंद : केंद्रीय बजट 2026 में केवल देश के कुछ प्रतिशत लोगो को ही ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है, शेष जनों में पूर्व की भांति निराशा ही हाथ लगी है। बढ़ती महंगाई से रोकथाम के लिए उपायों की उपेक्षा व अपने उद्योगपति मित्रो को छोड़कर सभी सर्वजनों की सुविधाओं में बढ़ोतरी नही गई है जो सरकार की दोषपूर्ण नीतियों को दर्शाता है। उक्त बाते महिला कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक श्रीमती राशि त्रिभुवन महिलांग ने आम बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कही।
श्रीमती महिलांग ने कहा कि केंद्र सरकार का बजट आम देशवासियों की दृष्टि से फीका व निराशाजनक है। बजट के पारदर्शिता पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा जा सकता है कि वित्तमंत्री ने अपने 90 मिनट के लंबे भाषण के बाद भी योजनाओं और कार्यक्रमो के बजटीय आबंटन में रुपयों के जानकारी सामने नही की गई जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़ा होता है l वित्तमंत्री ने बजट में नारी सशक्तिकरण की बात है l
आज वर्तमान में मातृ शक्ति कितनी पीड़ित है वर्तमान शासन से सर्वविदित है। श्रीमती राशि ने आगे कहा कि महँगाई रोजगार ग्रामीण अर्थव्यवस्था जैसे मूल मुद्दों के समाधान के लिए ठोस घोषणाओं का अभाव है l बजट के दस्तावेज कुछ विशेष वर्गों के लाभ को ही दर्शा रहे है शेष सभी की उपेक्षा ही हुई है। बजट से देशवासियों के सर्वागीण विकास की बात प्रचारित की जाती है जो धरातल में केवल झूठा दिलासा ही है।



