
सुरेश मिनोचा मनेन्द्रगढ़ : आदर्श ग्रुप ऑफ एजुकेशन मनेन्द्रगढ़ द्वारा संस्था में अध्ययनरत छात्राओं के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से एक बहुआयामी शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। यह भ्रमण ना केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा बल्कि विद्यार्थियों के लिये ज्ञानवर्धन, ऐतिहासिक समझ और प्रकृति से जुड़ाव का भी एक उत्कृष्ट माध्यम बना।30 जनवरी 2026 को 25 छात्राओं का दल संस्था के संचालक रमेश सोनी, सहसंचालक संजू सोनी तथा शिक्षक शिक्षिकाओं के नेतृत्व में मनेन्द्रगढ़ से रवाना हुआ। दल ने सर्वप्रथम रेल मार्ग से डोंगरगढ़ की यात्रा की। यहां छात्राओं ने छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध शक्ति पीठों में से एक मां बमलेश्वरी मंदिर में विधिविधान से पूजा-अर्चना की। धार्मिक आस्था के साथ साथ छात्राओं को मंदिर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की जानकारी भी दी गई। डोंगरगढ़ प्रवास के दौरान छात्र छात्राओं को वहां स्थित अत्यंत प्राचीन बौद्ध स्तूप का भी दर्शन कराया गया। शिक्षकों द्वारा स्तूप के ऐतिहासिक महत्व, बौद्ध संस्कृति और छत्तीसगढ़ में बौद्ध परंपरा की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी गई जिससे बच्चों में इतिहास के प्रति रुचि बढ़ी।

इसके बाद भ्रमण दल बिलासपुर पहुंचा। वहां से बस द्वारा छात्र छात्राएं रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर गईं। मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण के साथ-साथ छात्राओं को रतनपुर के प्राचीन गौरव, कलचुरी कालीन इतिहास और स्थापत्य कला से भी परिचित कराया गया। मां महामाया के दर्शन के बाद दल ने समीप स्थित खुटाघाट डैम का भ्रमण किया जहां प्राकृतिक सौंदर्य के बीच बच्चों ने मनोरंजक और आनंददायक समय बिताया।
वापसी यात्रा के दौरान भ्रमण दल कानन पेंडारी पहुंचा। यहां वन विभाग के सहयोग से चिड़ियाघर का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। छात्राओं को विभिन्न वन्य जीवों, पक्षियों एवं जैव विविधता के संरक्षण के विषय में जानकारी दी गई। इस भ्रमण से बच्चों में पर्यावरण संरक्षण और वन्य जीवों के प्रति संवेदनशीलता विकसित हुई। यह शैक्षणिक भ्रमण 2 फरवरी 2026 को सकुशल संपन्न हुआ।

छात्र छात्राओं ने इस यात्रा को रोचक, ज्ञानवर्धक और जीवनभर याद रहने वाला अनुभव बताया। बच्चों ने कहा कि इस भ्रमण से उन्हें किताबों से बाहर निकलकर वास्तविक जीवन से सीखने का अवसर मिला। संस्था के संचालक रमेश सोनी और श्रीमती संजू सोनी ने कहा कि आज की व्यस्त और प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा व्यवस्था में ऐसे शैक्षणिक भ्रमण अत्यंत आवश्यक हैं। इससे बच्चों के मानसिक विकास, सामाजिक व्यवहार, अनुशासन, आपसी सहयोग और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होती है। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों को निरंतर जारी रखने की बात कही।इस शैक्षणिक भ्रमण में रमेश सोनी, संजू सोनी, सोहन यादव, मानसी गुप्ता, रिंकी सिंह, मनीषा सिंह, काजल, अंतरा, आंचल सिंह, संगीता, स्नेहा, रितु, रागिनी, आयुष, शानू, ऋषभ सहित अन्य छात्र-छात्राएं शामिल रहीं। भ्रमण के दौरान सुरक्षा, अनुशासन और मार्गदर्शन की समुचित व्यवस्था की गई थी।



