
इस्लामिक कैलेंडर का नौवां और सबसे पवित्र महीना रमजान अब बस कुछ ही दिनों में शुरू होने वाला है। यह महीना केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह सब्र, संयम और अल्लाह की इबादत का समय है। साल 2026 में रमजान फरवरी के बीच में से शुरू होगा। आइए इस आर्टिकल में इसकी डेट और महत्व को जानते हैं।
रमज़ान कब शुरू होगा?
इस्लामी कैलेंडर के अनुसार, आमतौर पर शब-ए-बारात के करीब 15 दिन बाद रमज़ान शुरू हो जाता है। इस साल शब-ए-बारात 3 फरवरी को मनाई गई है। ऐसे में रमज़ान का आग़ाज़ 17 या 18 फरवरी से होने की संभावना है, हालांकि इसकी भी अंतिम घोषणा चांद दिखने के बाद ही की जाएगी।
झूठ से बचेंजो लोग रोजा रखकर भी झूठ, चुगली और बुराई नहीं छोड़ते, उन्हें रोजे का सवाब (फल) नहीं मिलता है। इसलिए जुबान और आंखों का भी रोजा रखें।
सहरीकुछ लोग नींद के आलस में सहरी नहीं खाते और सीधे इफ्तार करते हैं। यह सेहत के लिए अच्छा नहीं है और सुन्नत के खिलाफ भी है। सहरी में बरकत है, ऐसे में इसे जरूर खाएं।
इफ्तार में बहुत ज्यादा खानादिन भर भूखे रहने के बाद इफ्तार के वक्त बहुत ज्यादा तला-भुना खाने से बचें। इससे आप नमाज में सुस्ती महसूस करेंगे। ऐसे में खजूर और पानी से रोजा खोलें और हल्का भोजन करें।
गुस्सा करनारोजा सयंम सिखाता है। इसलिए इस दिन रोजेदार को लड़ाई-झगड़ा करने से बचना चाहिए।



