
छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति की छटा बिखेरते भैया-बहनों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
महासमुंद: सरस्वती शिशु विद्या मंदिर लाफिन खुर्द में प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी वार्षिक उत्सव एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के भैया-बहनों द्वारा छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति पर आधारित पारंपरिक गीतों एवं नृत्यों की आकर्षक प्रस्तुतियां दी, जिसने कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित ग्रामीणजनों, अभिभावकों एवं अतिथियों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, वहीं बच्चों की पारंपरिक वेशभूषा ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की। भैया-बहनों की सुसंयोजित नृत्य-प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम पंचायत लाफिन खुर्द के उपसरपंच शिवकुमार निषाद, भागीरथी साहू, शंकर कुमार कनौजे (पंच), विद्यालय के व्यवस्थापक रेखराज साहू, अध्यक्ष लोकनाथ साहू, आचार्य वीरेंद्र ध्रुव एवं पूर्व व्यवस्थापक नामदेव साहू द्वारा माँ सरस्वती के छायाचित्र पर पुष्प अर्पण एवं दीप प्रज्वलन कर विधिवत रूप से किया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने माँ सरस्वती से विद्यालय की उन्नति एवं विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विद्यालय की स्थापना से अब तक की यात्रा पर डाला प्रकाश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के व्यवस्थापक रेखराज साहू ने सरस्वती शिशु विद्या मंदिर की स्थापना एवं उसके उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विद्यालय की स्थापना शैक्षणिक सत्र 1994–95 में की गई थी। सीमित संसाधनों के बावजूद विद्यालय ने शिक्षा, संस्कार एवं संस्कृति के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की है।
उन्होंने कहा कि शिशु विद्या मंदिर केवल किताबी शिक्षा ही नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास पर बल देता है। आज विद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर अनेक छात्र-छात्राएं शासकीय सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जो पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।
सांस्कृतिक गतिविधियों से निखरती है बच्चों की प्रतिभा
रेखराज साहू ने बताया कि शिशु विद्या मंदिर परिवार द्वारा प्रतिवर्ष वार्षिक उत्सव का आयोजन बच्चों की सांस्कृतिक, बौद्धिक एवं रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के उद्देश्य से किया जाता है। इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपनी संस्कृति से जुड़ाव महसूस करते हैं।उन्होंने यह भी कहा कि इस आयोजन में प्रतिवर्ष ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित होकर बच्चों की पारंपरिक नृत्य एवं गीत प्रस्तुतियों का आनंद लेते हैं, जिससे विद्यालय एवं समाज के बीच मजबूत संबंध स्थापित होता है।
ग्रामीणों के सहयोग से निरंतर आगे बढ़ रहा विद्यालय
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार ने ग्राम लाफिन खुर्द के ग्रामीणों के सहयोग की सराहना की। इसी क्रम में ग्राम के पीतांबर यादव द्वारा प्रतिवर्ष विद्यालय को ₹5000 की सहयोग राशि प्रदान की जाती है, जिसका उपयोग विद्यालय की सांस्कृतिक गतिविधियों, खेलकूद एवं शैक्षणिक आयोजनों में किया जाता है।विद्यालय परिवार ने बताया कि श्री पीतांबर यादव द्वारा यह सहयोग राशि प्रतिवर्ष वार्षिक उत्सव के अवसर पर प्रदान की जाती है, जिससे बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।
पीतांबर यादव का किया गया सम्मान
इस वर्ष भी उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सरस्वती शिशु विद्या मंदिर परिवार द्वारा पीतांबर यादव को प्रशस्ति पत्र एवं माँ सरस्वती का छायाचित्र भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित जनसमूह ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के दौरान अनुशासन, उत्साह एवं सांस्कृतिक चेतना का सुंदर समन्वय देखने को मिला। कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणजनों, अभिभावकों एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया।वार्षिक उत्सव न केवल बच्चों की प्रतिभा का प्रदर्शन रहा, बल्कि यह आयोजन शिक्षा, संस्कार एवं संस्कृति के प्रति समाज की सहभागिता का सशक्त उदाहरण भी बना।



