
मैनपुरी: यूपी के मैनपुरी में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में हनुमान गढ़ी अयोध्या के महंत राजू दास ने अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा, “हम लोग संत हैं इसलिये माला जपनी पड़ रही है। अगर गृहस्थ होते तो लाइसेंस बनवाकर स्वामी प्रसाद मौर्य के सीने में गोली मार देता।”
राजू दास ने स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर जमकर भड़ास निकाली
मैनपुरी के दिल्ली पब्लिक इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में पहुंचे हनुमान गढ़ी अयोध्या के महंत राजू दास ने विवादित बयान देते हुए कहा, “स्वामी प्रसाद मौर्य हिंदुओं को आतंकवादी कहते हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य जहां भी मिले, हिन्दू जूते मारकर इसका मुंह लाल करें।”
राजू दास ने कहा, “हम आतंकवादी नहीं हैं जो तलवार लेकर उसका गला काट देंगे, हम हिंदू हैं, सनातनी हैं तो जूता लेकर मुंह ही लाल कर सकते हैं। वो ऐसे शब्दों का प्रयोग करता है कि कान फट जाए। हमारी आंखों से आंसू आ जाते हैं। वो कहता है कि हिंदू आतंकवादी है। वो हिंदुओं को नीच कहता है। यहां सब के सब हिंदू हैं, यहां कौन अपने आप को नीच समझता है, कौन अपने आप को आतंकवादी समझता है। ये कितनी शर्म की बात है।”
राजू दास ने कहा, “अगर आपको सनातन में आस्था नहीं है तो तत्काल अपने नाम में परिवर्तन कर दें।”
अपने बयानों की वजह से चर्चा में रहते हैं स्वामी प्रसाद मौर्य
स्वामी प्रसाद मौर्य अपने बयानों की वजह से अक्सर चर्चा में रहते हैं। हालही में उन्होंने ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म पर रिलीज होने वाली वेबसीरिज ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि “फिल्म का ब्राह्मणों से कोई रिश्ता नहीं है।”
उन्होंने कहा था कि पंडित कोई भी हो सकता है, जिसे ज्ञान हो, वो पंडित है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा था, “फिल्म घूसखोर पंडत को लेकर कुछ लोग ब्राह्मणों के अपमान के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। जब कि फिल्म के नाम से ब्राह्मणों का कोई रिश्ता नहीं है। पंडित शब्द का भी प्रयोग नहीं किया गया है, यदि ऐसा होता भी तो बकौल RSS प्रमुख मोहन भागवत जी, पंडित का मतलब ब्राह्मण नहीं, “विद्वान” होता है। पंडत किसी व्यक्ति का नाम भी हो सकता है। वैसे भी घूसखोर पंडत फिल्म के प्रोड्यूसर और निर्माता नीरज पांडे एवं फिल्म के हीरो मनोज बाजपेई हैं यानी फिल्म के प्रोड्यूसर/निर्माता और हीरो सभी ब्राह्मण ही हैं तो “ब्राह्मण” ब्राह्मण का अपमान कैसे कर सकता है।”



