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आंगनबाड़ी भवन बनकर तैयार होने से पहले हुआ जर्जर- चढ़ा भ्रष्टाचार की भेंट

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सरगुजा रिपोर्टर मुन्ना पांडेय : सरगुजा जिले के आकांक्षी ब्लॉक लखनपुर का एक ऐसा ग्राम पंचायत जो सरपंच सचिव के काले कारगुजारियों तथा भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। सरपंच सचिव दोनों ने मिल कर बिना भवन निर्माण कराये ही शासकीय लाखों रुपये राशि गबन कर लिया गया है।जनपद पंचायत लखनपुर क्षेत्र के इस ग्राम पंचायत में सरपंच सचिव ने मिलकर एक से बढ़कर एक भ्रष्टाचार के कारनामे किये है । दरअसल पूरा मामला आकांक्षी विकासखंड लखनपुर के सरहदी ग्रामपंचायत डांड केसरा का है।

जहां वर्ष 2020 में निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत द्वारा लाखों रुपये लागत से आंगनबाड़ी भवन का आधा अधूरा निर्माण कराया गया है। प्रगतिरत भवन निर्माण कार्य पूर्ण होने से पूर्व ही जर्जर दयनीय हो चुकी है । मौजूदा वर्तमान सरपंच के द्वारा आधेअधूरे आंगनबाड़ी भवन कार्य को पूर्ण कराने पुनः शुरू किया गया।परंतु राशि नहीं मिलने की स्थिति में कार्य को बंद कर दिया गया। आंगनवाड़ी भवन पूर्ण नहीं होने की हालत में किराये के मकान में आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन किया जा रहा है।

जिससे आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका ही नहीं अपितु छोटे मासूम बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने का आरोप है कि ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच एवं सचिव द्वारा साल 2020 में पंचायत के ढरोरपारा बस्ती में आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण कार्य शुरू किया गया और आधा अधूरा निर्माण करके छोड़ दिया गया था। कुछ दिनों तक गांव के ग्रामीण बने अधूरी भवन में पालतू मवेशी बाधने लगे
यह भवन अस्तित्व में आने से पहले ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है । इतना ही नहीं भवन के दिवारो में कई जगह से दरारें आ गई है ।एक नया भवन वक्त से पहले ही खंडहर हो चुका है।

जाहिर सी बात है कि निर्माणाधीन प्रगतिरत आंगनबाड़ी भवन बनाने के बाद भी अपनी जर्जरता के वजह से बच्चों के बैठने योग्य नहीं रह जायेगा।वर्तमान पंचायत सचिव राम गोपाल साहू के कहने पर वर्तमान सरपंच अजीत सवता ने निर्माण कार्य शुरू कराया लेकिन पैसा नहीं मिलने कारण काम बंद करा दिया । विडम्बना है आंगनवाड़ी भवन मुकम्मल होने से पहले ही जर्जर हो चुकी है। शासन प्रशासन को इस भ्रष्टाचार की सुध लेने की फुर्सत नहीं है ग्रामीणों के द्वारा कई मर्तबा शिकायत भी की गई परंतु जांच और कार्यवाही के नाम पर अधिकारियों ले-देकर महज़ कागज़ी खाना पूर्ति करते हुए लीपा पोती कर दिया है। यदि निष्पक्ष और सुक्ष्म जांच किया जाये तो सच्चाई खुद सामने आ जायेगी अब देखने वाली बात होगी कि भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद किस प्रकार की कार्यवाही जिला प्रशासन इन भ्रष्टाचारी सरपंच सचिवों के ऊपर करती है। वक्त पर ही मालूम हो सकेगा।

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