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सिर्फ प्यार ही नहीं, उदासी भी लाता है वैलेंटाइन वीक, क्यों कुछ लोगों के लिए भारी होता है यह समय?

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नई दिल्ली: फरवरी की शुरुआत होते ही हवाओं में रोमांस घुल जाता है। गुलाबी रंग, फूलों की खुशबू और प्यार भरे संदेशों से सोशल मीडिया पट जाता है। लेकिन जहां दुनिया का एक हिस्सा वैलेंटाइन वीक के जश्न में डूबा होता है, वहीं एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है जिसके लिए यह हफ्ता मानसिक और भावनात्मक रूप से काफी चुनौती भरा होता है।

अगर आपको भी इस दौरान अजीब सी बेचैनी, उदासी या अकेलापन महसूस होता है, तो यकीन मानिए आप अकेले नहीं हैं। हालांकि, सवाल यह आता है कि इस रोमांटिक सीजन में अकेलापन क्यों महसूस होता है? आइए जानें इसकी वजह।

कम्पैरिजन ट्रैप और सोशल मीडिया का दबाव

वैलेंटाइन वीक के दौरान सोशल मीडिया एक परफेक्ट लाइफ का शोकेस बन जाता है। जब आप दूसरों को महंगे तोहफे, रोमांटिक डिनर और हैप्पी पोस्ट्स देखते हैं, तो न चाहते हुए भी आप अपनी जिंदगी की तुलना उनसे करने लगते हैं। यह सोशल कम्पैरिजन आपको यह महसूस करा सकता है कि आपकी जिंदगी उतनी अच्छी नहीं है, या आपके पास वह खास रिश्ता नहीं है। यह तुलना अक्सर आत्म-सम्मान में कमी का कारण बनती है।

अकेलेपन का अहसास 

जो लोग सिंगल हैं या हाल ही में किसी ब्रेकअप से गुजरे हैं, उनके लिए यह पूरा हफ्ता एक रिमाइंडर की तरह काम करता है। समाज में वैलेंटाइन डे को इस कदर दिखाया गया है कि जो लोग किसी रिश्ते में नहीं हैं, उन्हें लगने लगता है कि उनमें शायद कोई कमी है। यह अकेलापन इस दौरान और बढ़ जाता है, जिससे डिप्रेशन और एंग्जायटी बढ़ सकती है।

परफॉरमेंस एंग्जायटी का बोझ

जो लोग रिश्तों में हैं, उनके लिए भी यह समय हमेशा सुखद नहीं होता। टेडी डे से लेकर वैलेंटाइन डे तक, हर दिन कुछ खास करने का सामाजिक दबाव परफॉरमेंस एंग्जायटी पैदा करता है। क्या मेरा पार्टनर खुश होगा?, उसे मेरा गिफ्ट अच्छा लगेगा या नहीं? ऐसे सवाल खुशी के बजाय स्ट्रेस बढ़ाते हैं।

पुराने घावों का हरा होना 

एनिवर्सरी इफेक्ट एक ऐसी स्थिति है जहां किसी खास तारीख या मौसम के आने पर पुरानी यादें और दुख ताजा हो जाते हैं। अगर किसी का पिछले साल इसी समय ब्रेकअप हुआ हो, तो फरवरी का यह हफ्ता उन पुराने जख्मों को कुरेदने का काम करता है।

इस इमोशनल दबाव’ से कैसे निपटें?

  1. डिजिटल डिटॉक्स- अगर सोशल मीडिया आपको दुखी कर रहा है, तो कुछ दिनों के लिए एप्स को अनइंस्टॉल कर दें या नोटिफिकेशन बंद कर दें।
  2. सेल्फ-लव चुनें- वैलेंटाइन डे का मतलब सिर्फ दूसरे से प्यार करना नहीं है। खुद को डेट पर ले जाएं, अपनी पसंद की किताब पढ़ें या अपनी पसंदीदा डिश बनाएं।
  3. तथ्यों को पहचानें- यह केवल एक कैलेंडर की तारीख है। आपके रिश्ते की गहराई या आपकी अहमियत इस एक दिन के जश्न से तय नहीं होती।
  4. दोस्तों के साथ समय बिताएं- प्यार के कई रूप होते हैं। अपने दोस्तों या परिवार के साथ समय बिताना आपको यह अहसास कराएगा कि आप अकेले नहीं हैं।

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