
नई दिल्ली : पोलैंड और इटली ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के प्रस्तावित बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने से इनकार कर दिया है। दोनों देशों ने बुधवार को अपना रुख स्पष्ट करते हुए अलग-अलग कारण बताए।
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनल्ड टस्क ने सरकारी बैठक में कहा कि मौजूदा परिस्थितियों और बोर्ड की संरचना को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर उठी शंकाओं के कारण पोलैंड इसमें शामिल नहीं होगा, हालांकि वह इसके प्रस्ताव का विश्लेषण करता रहेगा। वहीं, इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने कहा कि देश का संविधान किसी भी अंतरराष्ट्रीय संस्था में समान शर्तों पर शामिल होने की अनुमति देता है।
उनके अनुसार, मौजूदा स्वरूप में यह बोर्ड ट्रंप को अत्यधिक कार्यकारी अधिकार देता है, जो संवैधानिक मानकों से मेल नहीं खाता। प्रधानमंत्री जार्जिया मेलोनी पहले ही ट्रंप से शर्तों में बदलाव का आग्रह कर चुकी हैं।
बोर्ड ऑफ पीस की शुरुआत गाजा युद्धविराम योजना की निगरानी के लिए सीमित समूह के रूप में की गई थी, लेकिन बाद में इसका दायरा बढ़ाकर कई देशों को आमंत्रित किया गया।
संकेत हैं कि इसे भविष्य में वैश्विक संघर्षों में मध्यस्थ की भूमिका दी जा सकती है। पाकिस्तान, मिस्त्र और तुर्की जैसे देशों ने इसमें शामिल होने की सहमति दी है, जबकि फ्रांस, नार्वे, स्वीडन और ब्रिटेन पहले ही इससे दूरी बना चुके हैं।



