
हिंदू धर्म में खरमास का विशेष महत्व है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य देव बृहस्पति की राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस अवधि को खरमास कहा जाता है। इस दौरान सूर्य का तेज कम हो जाता है, जिसके कारण सभी प्रकार के मांगलिक और शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है।
मार्च में कब से शुरू हो रहा है खरमास:- अभी सूर्य देव शनि की राशि कुंभ में गोचर कर रहे हैं। सूर्य का गोचर मीन राशि में 15 मार्च दिन रविवार को 1 बजकर 8 मिनट पर होगा। खरमास एक माह तक रहेगा और 15 मार्च से शुरू हो रहा है।
खरमास में क्या नहीं करना चाहिए
1. शास्त्रों के अनुसार, खरमास के दौरान गुरु तत्व कमजोर हो जाता है, इसलिए इस समय किए गए मांगलिक कार्यों का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है।
2. इस दौरान शादी-ब्याह करना पूरी तरह वर्जित है। मान्यता है कि इस समय विवाह करने से वैवाहिक जीवन में कलह और अशांति रहती है।
3. नए घर में प्रवेश करना या नए मकान की नींव रखना इस महीने में शुभ नहीं माना जाता है।
4. बच्चों का मुंडन संस्कार या यज्ञोपवीत संस्कार भी खरमास में नहीं किया जाता है।
5. यदि आप किसी नए बिजनेस की शुरुआत करने की सोच रहे हैं, तो 15 मार्च से पहले या 14 अप्रैल के बाद ही करें।
6. नई गाड़ी, भूमि या सोने-चांदी के गहनों की खरीदारी से भी इस दौरान बचना चाहिए



